बनारस जिला अदालत में पुलिस-अधिवक्ता संघर्ष की बार एसोसिएशन ने की निंदा
गोरखपुर। बनारस जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार को पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुए संघर्ष को गोरखपुर बार एसोसिएशन ने निंदनीय और शर्मनाक करार दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय और मंत्री गिरिजेश मणि त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से इस घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की। साथ ही घायल अधिवक्ताओं को 5-5 लाख रुपये सहायता धनराशि दिए जाने की मांग भी उठाई।
पदाधिकारियों ने कहा कि अगर बनारस जिला प्रशासन समय रहते अधिवक्ताओं और वादकारियों की समस्याओं का समाधान करता तो शायद यह स्थिति उत्पन्न न होती। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा प्रदेश अधिकारियों के भ्रष्टाचार और तानाशाही से त्रस्त है और इसी का परिणाम है कि गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र में एक होनहार युवक की पशु तस्करों ने हत्या कर दी। बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर देती तो अधिवक्ताओं को इस प्रकार का बर्बर अत्याचार सहना न पड़ता। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोरखपुर बार एसोसिएशन बनारस के अधिवक्ताओं के साथ खड़ा है और उनका जो भी निर्णय होगा, उसका पूरा सहयोग करेगा।