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Gorakhpur News: डूब क्षेत्र में निर्माण पर रोक फिर भी बन रहा सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय

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हार्बर्ट बंधे के किनारे के इलाके में नए निर्माण पर डीएम ने 2023 में लगाई थी रोक
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14 करोड़ की लागत से बन रहा 50 बेड का आयुर्वेदिक चिकित्सालय
चिकित्सालय का निर्माण होता देख दूसरे लोग भी बना रहे मकान
गोरखपुर। हार्बर्ट बंधे के किनारे डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है। 2023 में तत्कालीन डीएम ने डूब क्षेत्र में जमीनों की प्लाटिंग और मकान बनवाने पर रोक लगा दी थी। नए निर्माण पर रोक के बावजूद यहां 50 बेड का सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय बन रहा है। इस निर्माण को देख दूसरे लोगों ने भी मकान बनवाना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे के करीब हार्बर्ट बंधे किनारे आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निर्माण चल रहा था। भवन की एक मंजिल तैयार हो गई है। दूसरी मंजिल का निर्माण हो रहा था। आधी से ज्यादा बिल्डिंग की संरचना खड़ी हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक साल से यह काम लगातार चल रहा है। जब इतनी बड़ी सरकारी बिल्डिंग यहां बन रही है तो आम लोग क्यों न कराएं, यही सोचकर आसपास के कई लोग अपने मकान भी बनवा रहे हैं। बंधे के पास कई नए मकान बन चुके हैं। कुछ का निर्माण जारी है।
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तत्कालीन डीएम कृष्णा करुणेश ने वर्ष 2023 में आदेश दिया था कि डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का नया निर्माण नहीं होगा। बावजूद इसके न तो रोकथाम हुई, न ही निर्माण रुका। स्थानीय निवासी दिनेश ने बताया कि वह वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं लेकिन उनको मकान बनाने नहीं दिया जा रहा। वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल, कॉम्प्लेक्स और दुकानें बन रही हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल भी डूब क्षेत्र में ही बन रहा है लेकिन उसके लिए नियम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से पहले कहा गया था कि कुछ हिस्से का लैंड यूज बदला जाएगा लेकिन अभी तक नहीं हुआ।

14 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा चिकित्सालय
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित चिकित्सालय में 50 बेड की सुविधा होगी और इसे आधुनिक आयुर्वेदिक इलाज केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। भवन का स्ट्रक्चर तेजी से खड़ा किया जा रहा है। हालांकि, इसका निर्माण नियमों के खिलाफ है क्योंकि यह पूरा इलाका डूब क्षेत्र घोषित है। अस्पताल का ढांचा खड़ा करने के लिए काफी मिट्टी भरी गई है।

नए निर्माण पर लगे रोक
बसंतपुर वार्ड के पार्षद विजेंद्र अग्रहरि ने कहा कि वर्ष 2023 में इस पूरे इलाके को डूब क्षेत्र घाेषित किया गया था। इसके बाद सर्वे हुआ था और नए निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। यदि रोक है तो कोई भी नया निर्माण न हो। फिर भी कुछ लोग इसका उल्लंघन कर निर्माण कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग जब मकान बनवाने जाते हैं तो उन्हें रोक दिया जाता है।
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निगम भी सुरक्षित कर रहा जमीन
गोरखपुर। अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने बताया कि यह भूमि नगर निगम क्षेत्र के मौजा बसंतपुर खास जम्मान 6(1) पट्टी सरकार बहादुर कैसरे हिंद की है। अराजी नंबर 60, 65, 69, 67, 72, 62 और 121क में दर्ज इस जमीन में से 101.50 एकड़ पर अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। शेष करीब 3.50 एकड़ पर कुछ लोगों ने टिनशेड डालकर अस्थायी अतिक्रमण कर रखा था। नगर निगम ने पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की थी। सोमवार को भी मौके का निरीक्षण किया गया था। जल्द ही इस पूरी जमीन की बाड़बंदी कर सुरक्षित किया जाएगा। ब्यूरो

वर्जन
डूब क्षेत्र में निर्माण अवैध है। जो भी अवैध निर्माण हो रहे हैं, संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए
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