मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर चंपा देवी पार्क में लगाया जा रहा पंडाल।
आज शाम पांच बजे गोरखपुर आएंगे सीएम योगी, गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित प्रो. यूपी सिंह की श्रद्धांजलि सभा में होंगे शामिल
शुक्रवार सुबह 10 बजे स्वदेशी मेला का करेंगे उद्घाटन, अपराह्न तीन बजे पॉम पैराडाइज में बने ईडब्ल्यूएस व एलआईजी फ्लैट के आवंटियों को चाबी देंगे
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय दौरे पर बृहस्पतिवार शाम पांच बजे गोरखपुर आएंगे। वे देर शाम गोरखनाथ मंदिर के पर्यटन सुविधा केंद्र परिसर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.यूपी सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा और ब्रह्मभोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। शुक्रवार को चंपा देवी पार्क के पास लगने वाले स्वदेशी मेले का सुबह 10 और अपराह्न तीन बजे पॉम पैराडाइज के ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के आवंटियों को घर की चाबी सौंपेंगे।
इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पॉम पैराडाइज में सस्ते घर आवंटन की प्रक्रिया पिछले महीने ही पूरी हो गई थी। वहीं स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन की तरफ से स्वदेशी मेला का आयोजन किया जा रहा है। रामगढ़ताल के किनारे लगने वाले इस मेला में गोरक्षनगरी में बन रहे उत्पादों के लिए स्टॉल लगाया जाएगा। इस मेले में गोरक्षनगरी की प्रगति दिखेगी। यहां नगर निगम, गीडा, जीडीए व अन्य प्रमुख संस्थानों के स्टॉल भी लगेंगे।
वहीं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा और ब्रह्मभोज का आयोजन बृहस्पतिवार (9 अक्तूबर) को शाम 5:30 बजे से गोरखनाथ मंदिर स्थित पर्यटन सुविधा केंद्र परिसर में होगा। प्रो. यूपी सिंह का बीते 27 सितंबर को निधन हो गया था। उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। प्रो. यूपी सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं थीं। वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और आजीवन इस पद पर दायित्व निर्वहन करते रहे। शिक्षा परिषद की तरफ से 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध दायित्वों का निर्वहन किया।