ओवरटेक के चक्कर में हादसा, पुलिस ने चालक को मेडिकल जांच के लिए भेजा
सीओ बोले, नशे की आशंका, सभी स्कूल बसों की फिटनेस और लाइसेंस की होगी जांच
गोला। गोला-उरुवा मार्ग पर सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर चंदौली गांव के पास पलट गई। हादसे के समय बस में 11 बच्चे सवार थे। इसमें से दो बच्चों को गंभीर चोटें आईं। आनन-फानन में उन्हें दूसरे स्कूल की बस से गोला कस्बा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया।
थाना क्षेत्र का धुरियापार हरपुर चीनी मिल के पास स्थित आरएसपी एकेडमी की बस को बेदौली गांव निवासी चालक उदय प्रताप सिंह चला रहा था। सोमवार को वह सुबह बच्चों को लेने गांवों की ओर निकला। बस में सबसे पहले अपने गांव के बच्चों को बैठाया। इसके बाद नारायणपुर, गोपालपुर और चंदौली गांव से बच्चों को लेकर आगे बढ़ा। बस में 11 बच्चे थे। इसके बाद चालक अन्य गांवों के बच्चों को लेने के लिए गाड़ी बढ़ाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चंदौली गांव के पास सड़क पर चल रहे ट्रेलर को ओवरटेक करने की कोशिश में बस अचानक अनियंत्रित हो गई। चालक का कहना है कि ओवरटेक के दौरान बस का स्टियरिंग जाम हो गया, जिससे वाहन सड़क के बाईं ओर खाई में पलट गया।
बस पलटते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग दौड़ पड़े और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में चंदौली गांव के ओम कुमार और बेदौली गांव की आंशी के सिर में गंभीर चोटें आईं। बाकी बच्चों को हल्की-फुल्की चोटें आईं हैं। घायलों को तत्काल दूसरी स्कूल बस से गोला कस्बा स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी दरवेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने चालक उदय प्रताप को मेडिकल जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। सीओ ने बताया कि प्राथमिक जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चालक नशे में था। मामले की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद होगी। सीओ दरवेश सिंह ने बताया कि वह आरटीओ को पत्र भेजकर अपने सर्किल की सभी स्कूल बसों की फिटनेस, बीमा और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच कराएंगे।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन स्कूल बसें तेज रफ्तार और ओवरटेक के चक्कर में बच्चों की जान से खिलवाड़ करती हैं। हादसे के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने भी स्कूल प्रशासन से सवाल किए कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा। फिलहाल पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है और चालक के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी में है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।