दीपावली से पहले मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शुक्रवार को शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी खाद्य पदार्थों की सघन जांच, नमूना संग्रहण और अमानक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच करने गई टीम ने दिलेजाकपुर स्थित मेसर्स गोविंद ऑयल एंड फ्लोर लिमिटेड से 180 किलोग्राम सरसों का तेल जब्त किया। प्रथमदृष्टया तेल मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।
इस जब्ती का बाजार मूल्य लगभग 32,400 रुपये है। तेल को सील कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई तक विभाग की अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है। शुभम आटा चक्की, दिलेजाकपुर से भी हल्दी और धोई के नमूने लिए गए।
इसके अतिरिक्त, कौड़ीराम बाजार के एक गोदाम में बिक्री के लिए रखे गए चार क्विंटल पके केले को टीम ने मौके पर ही नष्ट कराया। गोदाम में केला पकाने के लिए केमिकल का डिब्बा रखा मिला। इसके अलावा यहां पकने के बाद भी जो केला हरा रह जाता था, उसे पीले रंग से रंगा जाता था।
केमिकल व रंग की वजह से केला उपभोग के योग्य नहीं था। इसका अनुमानित मूल्य छह हजार रुपये आंका गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में कार्य कर रही टीम में शैलेंद्र, नागेंद्र कुमार, कमल, नरेंद्र और संतोष शामिल रहे।
मिलावटखोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कौड़ीराम से चार क्विंटल केला नष्ट कराया गया। यह केमिकल से पकाने के बाद पीले रंग से रंगा गया था। इसके अलावा शहर के एक तेल मिल से 180 लीटर सरसों का तेल जब्त किया गया है।
तेल व मसाला की पिसाई अगल-बगल हो रही थी। तेल की गुणवत्ता ठीक नहीं प्रतीत हो रही थी, इसीलिए इसे जब्त कर नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके अलावा पनीर के दो, हल्दी, तेल, दाल, धोई के एक-एक नमूने लिए गए:
डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयु्क्त खाद्य सुरक्षा