गोरखपुर। रामगढ़ताल के किनारे बनने वाला रिंग रोड काश्तकारों के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। दो दिन पहले काश्तकारों ने मुख्यमंत्री के साथ गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष को प्रार्थनापत्र देकर पूर्व में बने बंधे को धोखे से उनकी जमीन पर बनने की जानकारी दी। उन्होंने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के साथ रिंग रोड निर्माण के लिए उन्हें मुआवजा देने की मांग की है।
जीडीए ने रामगढ़ताल के किनारे रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव किया है। मोहद्दीपुर में आरकेबीके के पास से पैडलेगंज तक रिंग रोड का काम अंतिम चरण में है, लेकिन कुनराघाट से सहारा इस्टेट के पास देवरिया बाइपास रोड तक बनने वाले करीब चार किलोमीटर लंबे रिंग रोड का काम अधर में नजर आ रहा है।
पिछले माह जीडीए की टीम काम कराने पहुंची तो काश्तकारों के विरोध के चलते उन्हें वापस जाना पड़ा। दो दिन पहले झारखंडी आवास बचाओ समिति के अध्यक्ष बृजपाल सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री और जीडीए अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र सौंपा गया।
उनका कहना है कि रामगढ़ताल में जमीन पर बांध बनाकर रामगढ़ताल को संरक्षित करते हुए उसका सुंदरीकरण करना था, लेकिन रामगढ़ताल के आरजी में बंधा न बनाकर महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर 1 व रामगढ़ताल के व्यक्तिगत आरजी में जो की संक्रमणि भूमिधरी वहां के काश्तकारों की है, उसमें बांध बना दिया गया। अब जो जमीन धोखे से ले ली गई उसका और जो जमीन अभी रिंग रोड के लिए लेने का प्रयास किया जा रहा है, उसका मुआवजा देने की मांग की गई।