रोडवेज की बसों के बजाए टेंपो से सीधे दुकानदार को भेज देते हैं माल
कानपुर से बसों से आ रहा खोआ बार-बार पकड़े जाने से हो रही थी बदनामी
गोरखपुर। मिलावट के खेल पर प्रशासन ने कड़ाई शुरू की तो धंधेबाजों ने तरीका बदल दिया। कानपुर के नवाबगंज की तरह अयोध्या और गोरखपुर में पाउडर से खोआ बनाकर सीधे दुकानों पर पहुंचाने लगे। खास बात यह है कि सामग्री से लेकर कारीगर तक कानपुर के धंधेबाज ही गोरखपुर में मुहैया करा रहे हैं।
गोरखपुर की खोआ मंडी से गोरखपुर-बस्ती और आजमगढ़ मंडल के मऊ जिले के अलावा बिहार प्रांत के नजदीकी जिलों गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में भी खोआ की सप्लाई होती है। अच्छी बिक्री को देखते हुए कानपुर के नवाबगंज के धंधेबाजों ने गोरखपुर के कुछ धंधेबाजों के साथ मिलकर पाउडर और रिफाइंड से बने मिलावटी खोआ को मंडी में उतार दिया था। करीब 10 साल तक यह धंधा बड़े आराम से चला। पहले केवल बड़े त्योहारों में डिमांड होती थी, लेकिन अब पूरे साल इसकी मांग रहती है। इसीलिए इस खेल में कई बड़े लोग शामिल हो गए।
पिछले साल खाद्य सुरक्षा विभाग ने गोरखपुर की मंडी में प्रभावी अभियान शुरू किया। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, खोआ मंडी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के चौरीचौरा, पिपराइच, खजनी, बांसगांव, बड़हलगंज तक जाकर नकली माल पकड़ा और नष्ट कराया। इस कार्रवाई से धंधेबाजों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। अब पता लगा कि धंधेबाजों ने कानपुर की जगह अयोध्या और गोरखपुर में अपना नया ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। अब कानपुर से सस्ता मिल्क पाउडर यहां की मंडी में भेजा जा रहा है। इसके अलावा कानपुर से ही कारीगर भी यहां आ रहे हैं।
पकड़े जाने का डर नहीं, खर्च भी घटा
गोरखपुर और अयोध्या में माल तैयार कर आसपास के इलाकों में बेचने से कानपुर से गोरखपुर और यहां से फिर देवरिया-पडरौना भेजने की लागत में कमी आ रही है। साथ ही पकड़े जाने का डर भी कम हुआ है। अब गोरखपुर से तैयार माल को सीधे पडरौना, देवरिया, महराजगंज आदि जिलों के मिठाई के दुकानदारों तक माल ढोने वाले टेंपो से भेज दे रहे हैं।
कोट
मिलावट के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। शनिवार को भी संदिग्ध रिफाइंड तेल जब्त किया गया। वहीं रंगीन मिठाई, पाउडर लगा बताशा, एक्सपायर सोनपापड़ी और खराब हुई 25 किलोग्राम मिठाई को नष्ट कराया गया। गोरखपुर में पाउडर से खोआ बनाने के मामले की गहनता से छानबीन हो रही है। अब तक मिलावटी खोआ कानपुर से ही आता रहा है। पिछले दिनों हुई कार्रवाई के बाद बसों में खोआ की आवक कम हुई है।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा