गगहा क्षेत्र के गरयाकोल गांव की घटना, जांच में जुटी पुलिस
गोला। गगहा थाना क्षेत्र के गरयाकोल गांव निवासी राजलक्ष्मी (16) ने मां के मोबाइल छीनने से नाराज होकर फंदा लगाकर जान दे दी। जानकारी पर परिजन उसे गोला सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
राजलक्ष्मी एक निजी कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। उसके पिता राजू दिल्ली में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं, जबकि मां सुधा देवी गांव में बच्चों के साथ रहती हैं। परिजनों ने बताया कि सुबह सुधा देवी अपने छोटे बेटे मोहन और बहन के बेटे के साथ खेत में कोड़ाई कर रही थीं। घर पर राजलक्ष्मी अकेली थी। कुछ देर बाद वह खेत पर आई और मां से पूछा कि खाने में क्या बनेगा। जवाब मिलने के बाद वह वापस घर चली गई। थोड़ी देर बाद जब मौसेरा भाई आशीष पानी पीने के लिए घर गया तो देखा कि राजलक्ष्मी कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी हुई थी। आशीष के शोर मचाने पर परिवार वाले पहुंचे और उसे नीचे उतारा। उस समय राजलक्ष्मी की सांसें चल रही थीं। सुधा देवी ने तुरंत अपनी बहन को फोन कर जानकारी दी। बहन ने सलाह दी कि उसे बेलघाट लेकर आओ, वहीं इलाज करा देंगे। इसके बाद सुधा, राजलक्ष्मी को स्कूटी से लेकर गोला की तरफ रवाना हुईं, उनके साथ आशीष भी था। रास्ते में हालत बिगड़ने पर वे राजलक्ष्मी गोला सीएचसी पहुंचीं, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद राजलक्ष्मी को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर गोला थाना प्रभारी राहुल शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतका हमारे थाना क्षेत्र में इलाज के लिए लाई गई थी, जबकि वास्तविक घटनास्थल गगहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। परिजनों से तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई गगहा पुलिस की ओर से की जाएगी। वहीं मौसेरे भाई आशीष ने बताया कि सुबह मौसी ने राजलक्ष्मी का मोबाइल फोन छीन लिया था, जिससे वह नाराज थी। इसी कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया होगा।