साइबर थाने में सात के खिलाफ दर्ज हुआ केस, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है बीटेक युवक
गोरखपुर। बीटेक की पढ़ाई पूरी कर नौकरी की तलाश कर रहे शौनक दास से 53.52 लाख रुपये की ठगी हो गई है। उसने नौकरी डॉट कॉम पर रिज्यूम डाला था। इसके बाद आबूधाबी में नौकरी का झांसा देकर जालसाजों ने रुपये हड़प लिए। मामले में शौनक की तहरीर पर साइबर थाने की पुलिस ने समर सिंह, अदिति सोनी, प्रकाश साहनी, अभिनव मित्तल, सुनील पाठक, मनोज कुमार सिंह और राजीव कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गीडा इलाके में रहने वाले शौनक दास (25) के पिता गीडा स्थित एक फैक्टरी में काम करते हैं। शौनक मूलरूप से पश्चिम बंगाल के दिनहटा के खाटामारी कस्बे के रहने वाले हैं।
शौनक ने बताया कि नौकरी डॉट कॉम, इनडीड और साइन वेबसाइट पर जॉब के लिए अकाउंट बनाकर रिज्यूम (बायोडाटा) डाला था। आठ जुलाई को दोपहर करीब 2:30 बजे कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम समर सिंह बताया। उसने कहा कि वह इनडीड हाईरिंग सर्विसेज दिल्ली में काम करता है। बताया कि आबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी के लिए भारत के अभ्यर्थियों का बायोडाटा भेजता है। वहां से इंटरव्यू के बाद सेलेक्ट होने पर अच्छी जॉब मिल जाती है। इसके बाद उनका बायोडाटा आबूधाबी ऑयल कंपनी में भेज दिया। 29 जुलाई को कॉल आई कि वह इंटरव्यू के लिए सेलेक्ट कर लिए गए हैं। कंपनी की तरफ से एक मेल भी आया। इसके बाद समर सिंह ने कॉल कर अदिति सोनी के बैंक खाते में पांच हजार रुपये जमा कराए। फिर मेल आया कि 30 जुलाई को आबूधाबी से इंटरव्यू लिया जाएगा। इंतजार कर रहा था लेकिन इंटरव्यू नहीं हुआ। कॉल कर बताया गया कि दूसरे लोगों का इंटरव्यू चल रहा था। इस वजह से देर हो गई। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे आबूधाबी से कांफ्रेंसिग के माध्यम से कंपनी के एचआर ने इंटरव्यू लिया। एचआर ने बताया कि सेलेक्ट हो जाने पर कॉल करके बताया जाएगा। इसके लिए जो भी शर्त होगी समर सिंह बताएंगे। उसे पूरा करने पर चयन हो जाएगा।
मेल पर भेजा ऑफर लेटर
शौनक ने बताया कि 31 जुलाई को कॉल कर बताया गया कि उनका चयन हो गया है। इसके बाद मेल पर एक लेटर भी भेजा गया, जिसमें एक बांड में कुछ शर्तें लिखीं थीं। इसके बाद समर सिंह विश्वास में लेकर अपने परिचितों के खाते में रुपये जमा कराता रहा। उसके जाल में फंसकर कुल 53.52 लाख रुपये जमा करा दिए। कुछ दिन बाद शक होने पर कॉल कर रुपये मांगे और कहा उन्हें नौकरी नहीं करनी है। यह सुनकर समर सिंह ने कहा कि पूरे रुपये वापस हो जाएंगे। इसके लिए दो लाख रुपये जमा करने पड़ेंगे। तब पता चला कि साइबर जालसाजी हुई है। साइबर थाने के प्रभारी मो. राशिद खान मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैंक से जालसाजों का डिटेल निकलवाया जा रहा है।
पहले भी आ चुके हैं मामले
केस 1
सितंबर 2024 में टास्क पूरा करने का झांसा देकर जालसाजों ने महिला से 4.05 लाख की ठगी कर ली थी। सिंघड़िया के गोरक्षनगर में रहने वाली गरिमा पाठक को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम के जरिये रोज टास्क पूरा कर रुपये कमाने का मैसेज मिला था। बात करने पर मैसेज करने वाले ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ लिया। टास्क पूरा कर जालसाजों ने कमीशन मिलने का झांसा दिया। रुपये देने की बात कहकर अलग-अलग खातों में 4.05 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
केस 2
सितंबर 2024 में विकासनगर कॉलोनी निवासी पूजा रानी का नाम अज्ञात व्यक्ति ने एक व्हाट्सएप ग्रुप लाइफ कम्युनिटी में जुड़वा दिया था। इसमें एक टास्क दिया जाता था। बताया गया था कि इसको पूरा करने पर रुपये मिलेंगे। शुरुआत में एक टास्क के 10 रुपये दिए जाते थे। फिर ग्रुप में बताया कि ज्यादा रुपयों के लिए टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ना पड़ेगा। इसके बाद ग्रुप में जोड़ा गया। विश्वास बढ़ने पर पहले 35 हजार रुपये लगाए और फिर एक लाख 60 हजार रुपये लगा दिया। इसके बाद जालसाजी की जानकारी हुई। रुपये पाने के लिए एक लिंक भेजा गया। जिस पर क्लिक करते ही कई बार में सात लाख 80 हजार रुपये अकाउंट से निकल गए थे।
साइबर जालसाजी से बचने के उपाए
- वॉलेट की जानकारी सुरक्षित रखें, पासवर्ड किसी को न बताएं।
- अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- डिवाइस को अपडेट रखें और एंटी वायरस का उपयोग करें।
- क्रिप्टो करेंसी में निवेश से पहले, उसके बारे में अच्छी तरह जानकारी करें। निवेश के जोखिमों को समझे।
- निवेश से पहले किसी पंजीकृत निवेश विशेषज्ञ से सलाह लें।
- फेसबुक या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी विज्ञापन पर विश्वास न करें। सत्यता की जांच जरूर करें।