नगर निगम का कर (टैक्स) जमा करने के लिए अब दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यूपीआई पेमेंट सिस्टम यानी पेटीएम, गूगल पे, फोन पे या क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भी कर का भुगतान किया जा सकता है। इसके साथ ही संपत्ति कर भुगतान में नगर निगम ने मैनुअल भुगतान पर्ची बंद कर दी है।
नगर निगम ने कर व्यवस्था को डिजिटल कर दिया है। इसके तहत भुगतान करते ही डाटा एम-पॉश मशीन से सर्वर के माध्यम से निगम के खाते में पहुंच जाएगा। साथ ही इसी मशीन से भुगतान की डिजिटल रसीद भी मिल जाएगी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब भुगतान के बाद रसीद दिए जाने की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था शुरू हो गई है।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से नगर निगम की आय में बढ़ोतरी की भी संभावना है। अभी नगर निगम के क्षेत्र में इस समय 80 वार्ड हैं और 1.60 लाख घर हैं। कुल कर करीब 50 करोड़ रुपये ही सालाना जमा होता है। यह महज 30 फीसदी है।
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