गोरखपुर नगर निगम और अमर उजाला फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से महिला सफाई कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने व शहर को कूड़ामुक्त बनाने की अनूठी मुहिम छेड़ने की तैयारी कर ली है। पहले चरण में पांच जोन की दस बहुमंजिली इमारतों में रहने वाले लोगों के घरों की रसोई से निकलने वाले कचरे (किचेन वेस्ट) से जैविक खाद बनाई जाएगी। इसी खाद को बेचकर महिला सफाईकर्मी आर्थिक रूप से समृद्ध होंगी।
किचेन वेस्ट को अन्य कचरे से अलग रखने के लिए नगर निगम की तरफ से हर परिवार को दो-दो डस्टबिन दिए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम का संचालन नगर निगम करेगा, जबकि अमर उजाला मुहिम के प्रचार-प्रसार और जागरूकता की जिम्मेदारी उठाएगा। महिला सफाईकर्मियों को सशक्त बनाने की इस तरह की मुहिम यूपी में पहली बार शुरू हो रही है। इसके तहत महिला सफाई कर्मियों का स्वयं सहायता समूह बनाया जाएगा फिर आम जनता की मदद से कूड़े के सही निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सबको प्रेरित किया जाएगा कि सूखे व गीले कूड़े को अलग-अलग डस्टबिन में रखें।
इस सिलसिले में नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने शनिवार को आदेश जारी कर दिया है। नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारी और सफाई निरीक्षकों से हर जोन के दो-दो बहुमंजिली इमारतों के नाम मांगें हैं। साथ ही कहा है कि बहुमंजिली इमारतों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन से संपर्क करके सहमति ले ली जाए। मंगलवार की सुबह आठ बजे हर जोन की चिह्नित बहुमंजिली इमारतों में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ बैठक सुनिश्चित कराई जाए। सब जगह एक साथ बैठक होगी। इसी मौके पर किचेन वेस्ट से खाद बनाने का तरीका भी बताया जाएगा।
इस कार्यक्रम में शहर में सक्रिय महिला संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। इस अभियान से कूड़ा मुक्त शहर बनाने का सपना साकार हो सकेगा। यह मुहिम अलग-अलग चरणों में चलेगी। दूसरे चरण में पांच जोन की अलग-अलग बहुमंजिली इमारतें चिह्नित की जाएंगी। डस्टबिन देकर सबसे कूड़े के सही निस्तारण की अपील की जाएगी।
गोरखपुर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि नगर निगम व अमर उजाला फाउंडेशन की संयुक्त मुहिम रंग लाएगी। शहर को कूड़ामुक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे। साथ ही शहरवासियों के सहयोग से महिला सफाई कर्मचारियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में कामयाब होंगे। इससे महिला सफाई कर्मचारियों व उनके परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे।