जीडीए की महायोजना 2031 पर एक बार फिर शासन ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। चार सितंबर को लखनऊ में हुई बैठक में प्रस्तुत प्रारूप पर समिति की ओर से बिंदुवार इसकी जानकारी जीडीए को दी गई है। जीडीए को कार्यवृत्ति के साथ यह आपत्तियां मिल गई हैं। इस संबंध उपाध्यक्ष ने रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश मुख्य नगर नियोजक को दिया है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
महायोजना 2031 के प्रारूप को जीडीए बोर्ड में पास होने के बाद शासन की शासकीय समिति को भेज दिया गया था। निकाय चुनाव के कारण इसकी बैठक नहीं हो पाई। 19 जुलाई को बैठक हुई और तत्कालीन उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने समिति के सामने प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें कुछ बिंदुओं पर समिति ने सुधार का निर्देश दिया।
जीडीए की ओर से इसमें सुधार करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। रिपोर्ट मिलने के बाद समिति ने चार सितंबर को एक बार फिर बैठक बुलाई। इसमें सचिव उदय प्रताप सिंह उपस्थित हुए। उन्होंने महायोजना समिति के सामने प्रस्तुति दी। अब शासकीय समिति की ओर से कुछ अन्य बिंदुओं पर फिर से आपत्ति जताते हुए सुझाव देकर रिपोर्ट मांगी गई है। दोबारा रिपोर्ट भेजने की तैयारी में जीडीए अधिकारी जुटे हैं। इससे महायोजना 2031 के लागू होने पर विलंब होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन ने कहा कि शासकीय समिति की ओर से कुछ बिंदुओं पर सुझाव दिए गए हैं। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके जल्द ही दोबारा समिति को भेज दी जाएगी।