छह महीने पहले गोरखपुर से काठमांडू बस सेवा शुरू करने की हुई कवायद कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। बस संचालन के लिए परिवहन निगम मुख्यालय से परमिट मिलने के बाद अब मामला विदेश मंत्रालय में अटका पड़ा है। विदेश मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही गोरखपुर से काठमांडू की बस सेवा शुरू हो सकेगी।
दिसंबर 2021 में भारत-नेपाल बस सेवा शुरू करने के लिए नेपाल का एक प्रतिनिधिमंडल मंजूश्री ट्रैवेल के चेयरमैन छिरी शेरपा के नेतृत्व में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पहुंचा और क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी से मुलाकात की थी। दोनों ओर के अधिकारियों के बीच गोरखपुर से काठमांडू बस सेवा को लेकर वार्ता हुई थी। जिसके बाद गोरखपुर से काठमांडू के बीच बस चलाने को लेकर सहमति बन गई।
पहले इस बस सेवा को जनवरी 2022 में चलाने की योजना थी, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण संचालन शुरू नहीं हो सका। इसके बाद उम्मींद थी कि चुनाव बाद बस सेवा शुरू हो जाएगी, लेकिन चुनाव बीतने के तीन महीने बाद भी यह शुरू नहीं हो सकी है।
निरीक्षण करने आ चुका है नेपाली प्रतिनिधिमंडल
फरवरी में नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे बस स्टेशन का निरीक्षण किया था। इस दौरान नेपाल से आने वाली बसों के रख रखाव पर चर्चा की गई। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि वह फरवरी के अंतिम सप्ताह में नेपाल की ओर से बसें शुरू कर देंगे, लेकिन काठमांडू से गोरखपुर की बस सेवा भी अबतक शुरू नहीं हो सकी है।
परिवहन निगम गोरखपुर परिक्षेत्र क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने कहा कि गोरखपुर से काठमांडू के लिए चलने वाली बस को मुख्यालय से परमिट मिल गई है। अब मामला विदेश मंत्रालय में है। वहां से अनुमति मिलने के बाद सेवा शुरू कर दी जाएगी।