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गोरखपुर: न्यायालय के संचालन की नई गाइडलाइन जारी, हाईकोर्ट के आदेश पर जिला जज ने जारी किया आदेश

Thu, 17 Jun 2021 09:11 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के आदेश पर जनपद न्यायधीश दुर्ग नरायन सिंह ने जारी किया आदेश
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद की ओर से जारी दिशानिर्देश के अनुपालन में गोरखपुर जनपद न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने दीवानी न्यायालय स्थित समस्त न्यायालयों के संचालन के लिए पूर्व में जारी दिशा निर्देश में संशोधन किया है।
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आदेश के अनुसार समस्त संचालित न्यायालयों में लंबित एवं नवीन जमानत/अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, रिलीज प्रार्थना पत्र, धारा 164 का बयान, रिमांड कार्य अन्य आवश्यक प्रक्रीर्ण फौजदारी प्रार्थना पत्र, नामित/नियुक्त पीठासीन अधिकारियों के न्यायालयों से संबंधित लघु प्रकृति के आपराधिक वादों का निस्तारण, माननीय हाई पावर कमेटी द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा निर्देशों के अनुपालन व सिविल प्रकृति के आवश्यक एवं त्वरित प्रकृति के वाद, उपरोक्त सभी कार्य कुल 10 न्यायिक अधिकारियों द्वारा रोटेशन/टाइम स्लॉट के आधार पर किया जाएगा। 

यदि किसी मामले में किसी केस का निस्तारण अतिआवश्यक हो तो संबंधित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी जनपद न्यायाधीश की पूर्व अनुमति प्राप्त कर उस मामले में साक्ष्य अभिलिखित कर उस मामले में विचारण कर सकते है। इस निमित्त उक्त मामले से संबंधित वादकारी/अधिवक्ता न्यायालय परिसर में अद्योहस्ताक्षरित की अनुमति से प्रवेश कर सकेंगे, जिन्हें किसी प्रकार की बीमारी न हो।
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आरोप पत्र/पुलिस रिपोर्ट व कंपनी एक्ट से संबंधित परिवाद भी संबंधित न्यायालय द्वारा भौतिक रूप से स्वीकार किया जाएगा।  संबंधित न्यायिक अधिकारी जमानतनामा भौतिक रूप से स्वीकार कर सकते है। उक्त प्रकृति के सभी मामलों के प्रार्थना पत्रों की सुनवाई संबंधित अधिकारी अपने आवासीय कार्यालय या न्यायालय स्थित विश्राम कक्ष से वीडियो कांफ्रेंसिंग/वर्चुअल मोड से किया जाएगा। विचाराधीन बंदियों से संबंधित रिमांड/ उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य प्रकृण प्रार्थना पत्र की सुनवाई व अन्य न्यायिक कार्य केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग एप(JITSI)के माध्यम से किया जाएगा।

अधिवक्ताओं एवं वादकारियों की सहायता हेतु 9415858767 सत्र न्यायालय से संबंधित मामलों के लिए, 9616730007 मेजिस्ट्रेटियल कोर्ट से संबंधित मामलों के लिए एवं 9565659090 दीवानी न्यायालयों से संबंधित मामलों के लिए हेल्पलाइन के रूप में चिह्नित किया गया है।  जिनका प्रयोग काज लिस्ट में मामलों की लिस्टिंग तथा टाइम स्लॉट की जानकारी के लिए किया जाएगा।

अधिवक्ताओं वादकारियों एवं अन्य स्टेक होल्डर द्वारा प्रेषित नवीन मामलों, प्रार्थना पत्रों (सिविल/क्रिमिनल) को प्राप्त करने हेतु न्यायिक सेवा केंद्र (केंद्रीकृत फाइलिंग काउंटर) का प्रयोग किया जाएगा तथा समस्त ऐसे मामलो, प्रार्थना पत्रों को सीआईआर पर पंजीकृत किया जाएगा तथा ऐसे मामलों, प्रार्थना पत्रों पर अधिवक्ता, वादकारी का विवरण मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी उल्लिखित करना होगा। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित अधिवक्ता को सूचित किया जाएगा। अधिवक्ताओं द्वारा अपने आवश्यक प्रार्थना पत्रों को दाखिल करने के लिए जिला न्यायालय द्वारा सृजित email-gorakhpurfiling@gmail.com प्रयोग करेंगे।  

अधिवक्ताओं/वादकारियों द्वारा प्रेषित प्रार्थना पत्रों में उनका पूर्ण विवरण, मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी लिखना होगा। न्यायालय के संचालन के दौरान केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के अनुपालन में कम से कम आवश्यक न्यायालय कर्मचारी न्यायालय परिसर में प्रवेश करेंगे।
 
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