गोरखपुर जिले की सभी नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन खतरा टला नहीं है। राप्ती नदी खतरे के निशान से 1.72 मीटर पर बह रही है। राप्ती के पानी की नीचे आने की गति धीमी है। जबकि, बलरामपुर जिले में राप्ती का पानी बढ़ने से आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार यानी आज उसका जलस्तर गोरखपुर में 10-15 सेमी बढ़ सकता है। वहीं, रोहिन नदी का पानी तेजी से घट रहा है। बुधवार शाम तक रोहिन खतरे के निशान से 71 सेंटीमीटर नीचे आ गई। इसी तरह घाघरा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे आकर स्थिर हो गई है। जबकि, राप्ती से निकली गोर्रा नदी खतरे के निशान से 1.30 मीटर ऊपर बह रही है। सिंचाई विभाग के लोगों का कहना है कि नदियों का जलस्तर घट रहा है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
नदियों का पानी घटने से लोग राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार राप्ती नदी के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। उधर, बंधों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को दो स्थानों पर बंधा धंसा जिसे तुरंत ही ठीक कर दिया गया। विभाग की टीमें बंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें राहत सामग्री बांट रही हैं। इसके बावजूद अधिकतर प्रभावितों को मदद नहीं मिलने की शिकायत है।
बाढ़ खंड 2 के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने बताया कि सभी नदियों का जलस्तर घट रहा है। सबसे गंभीर बनी राप्ती नदी धीमी गति से ही सही, लेकिन नीचे आ रही है। अब तक वह 62 सेमी नीचे आ चुकी है। हालांकि, राप्ती के एक दो दिन में कुछ बढ़ने की आशंका है। बंधों पर पहले की तरह निगरानी की जा रही है। रिसाव हो रहा है, लेकिन बहुत कम। बुधवार को दो स्थानों पर बांध धंसा है, पर समय से ठीक कर दिया गया।