गोरखपुर जिले के गोला, सदर, कैंपियरगंज के कई गांवों में बाढ़ के चलते नाव चलने लगी है। जनपद से बहने वाली प्रमुख नदियों घाघरा और राप्ती का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में पानी फैलता जा रहा है। रोहिन नदी का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर है। गोला तहसील का बड़हलगंज का कछार क्षेत्र पानी से घिर गया है। प्रशासन की तरफ से तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि जहां जिस चीज की जरूरत हो उपलब्ध कराएं।
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बड़हलगंज ब्लॉक के 12 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लखनौरी, हिंगुआर, सूबेदारनगर, माझा, अगिलगौआ, खोहिया पट्टी सहित कई गांवों में हालात काफी विकट हो गए हैं। खोहिया पट्टी गांव के प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया है। इससे अध्यापकों को विद्यालय पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है, हालांकि बच्चे अभी स्कूल नहीं जा रहे हैं।
सूबेदारनगर माझा के पूर्व प्रधान रविंद्र यादव व लखनौरी के पूर्व प्रधान दर्शन यादव का कहना है कि सड़क पर चार फुट पानी भर गया है। प्रशासन की तरफ से एक भी नाव नहीं लगाई गई है। कछार क्षेत्र की सड़कें दो दिनों से पानी में डूबी हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर आवाजाही कर रहे हैं।
आपदा प्रबंधन कार्यालय के प्रभारी गौतम ने बताया कि गोला, सदर, कैंपियरगंज तहसीलों में नाव लगा दी गई है। एडीएम एफआर ने सभी तहसीलदारों से कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि किसी प्रकार जन-धन की हानि न होने पाए। यह भी देखा जाए कि जहां जिस तरह की मदद नाव, तिरपाल आदि की जरूरत हो वहां उसे तत्काल पहुंचाया जाए।