सोमवार की शाम 04.35 बजे मोहद्दीपुर स्थित ओरियन मॉल में ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड विवेक मिश्रा मिले। उन्होंने बताया कि कुर्सी पर बैठे हुए थे। तभी लगा कि कुर्सी हिल रही है। जब तक कुछ समझ पाते। तब तक शांत हो गया।
उन्होंने बताया कि यहां आए अधिकांश लोगों को कोई जानकारी नहीं हो सकी। लोग आराम से खरीदारी करते रहे। ग्राउंड फ्लोर पर कास्टमेटिक शॉप पर बैठी निधि ने बताया कि वह अपना काम करती रहीं। भूकंप आने का कोई अहसास नहीं हुआ। इसके बाद गार्ड ने बताया भूकंप आया था। देखिए मोबाइल पर मैसेज आया है। तब जानकारी हो पाई।
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शैलेष सिंह अपनी शॉप के बाहर बॉलकनी में खड़े थे। तभी उनको लगा कि रेलिंग हिली है। उन्होंने समझा कि किसी ने रेलिंग को पैरों से छुआ है। इसलिए ऐसा महसूस हुआ। महादेव झारखंडी से बाजार करने आईं पल्लवी, श्रेयांश, अभिषेक और शशि त्रिपाठी बच्चों के कपड़े वाले स्टोर में मौजूद थीं। भूकंप आने के करीब 10 मिनट बाद उनके घर से फोन आया कि भूकंप आया है, कहां पर हो। तब पल्लवी और बच्चों को इसकी जानकारी हुई।
भूकंप के झटके के बारे में अधिकांश लोगों को पता नहीं चल सका। अधिकांश लोगों को सोशल मीडिया के जरिए ही जानकारी हुई। हालांकि लोग इससे बेपरवाह होकर अपने कामों में व्यस्त रहे। ज्यादातर वही लोग इसे महसूस कर पाए जो कहीं स्थिर बैठे हुए थे। आरटीओ रोड मोह्दीपुर के राकेश त्रिपाठी अपनी कार में बैठे थे। भूंकप आने पर उनको लगा कि डॉगी ने गाड़ी हिला दिया। बाद में जानकारी हुई कि भूकंप का असर था।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि सोमवार की शाम 04.16 बजे भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.6 मापी गई है। करीब चार सेकेंड तक इसका असर रहा। इस बार इसका केंद्र नेपाल के दैलेख में था।