फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड: मुआवजा भुगतान के लिए किसानों ने रोका काम, जताया विरोध

Tue, 07 Nov 2023 10:36 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

किसानों ने कहा कि अभी मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए काम न कराया जाए। किसानों की आपत्ति पर काम रूक गया। एनएचएआई के चंद्रशेखर ने बताया कि किसानों के खाते में जल्द से जल्द पैसा भेजा जाएगा। इसमें जो भी दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड का निर्माण सोमवार को किसानों ने रोक दिया। बैजनाथपुर में एनएचएआई के काम कराने पर आपत्ति जताते हुए किसानों ने कहा कि मुआवजे के भुगतान के लिए दो माह पहले किसानों फाइल जमा हुई है। लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिल पाया है। आर्बिट्रेशन को लेकर भी फैसला नहीं हुआ है। विरोध के चलते सिर्फ तीन मीटर ही काम हो सका।

विज्ञापन


रिंग रोड के लिए कुल 26 किलोमीटर जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके मुआवजे का वितरण किसानों के खातों में किया जा रहा है। मुआवजे से संबंधित आवश्यक दस्तावेज किसानों ने एसएलओ के दफ्तर में जमा करा दिया है। अधिक दर से मुआवजे की मांग की लेकर किसानों ने आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) भी दाखिल कराया है। लेकिन अभी इस पर फैसला नहीं हो सका है। मुआवजा भुगतान के लिए एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की ओर से एसएलओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) को 352 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। इसमें 96.66 करोड़ किसानों के खाते में जा चुकी है।

इसे भी पढ़ें: हैंडपंप से पानी लेने के विवाद में नाती ने बाबा की कर दी हत्या, एक महिला भी घायल

विज्ञापन
विज्ञापन

बीते शुक्रवार को एनएचएआई ने दोबारा काम शुरू कराया है। रिंग रोड के लिए चिह्नित जगह पर मिट्टी की पटाई हो रही है। रविवार को दो किमी काम हुआ। सोमवार को रहमतनगर में तीन सौ मीटर काम कराकर एनएचएआई की टीम बैजनाथपुर पहुंची। वहां किसानों ने खेत में आगे का काम होने से रोक दिया।

किसानों ने कहा कि अभी मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए काम न कराया जाए। किसानों की आपत्ति पर काम रूक गया। एनएचएआई के चंद्रशेखर ने बताया कि किसानों के खाते में जल्द से जल्द पैसा भेजा जाएगा। इसमें जो भी दिक्कत आ रही है। अधिकारियों से बातचीत करके उसका समाधान कराया जाएगा।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें