महानगर में संचालित हो रही सिटी इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग में आ रही समस्या जल्द ही समाप्त होगी। इसके लिए सहजनवां, भटहट और चौरीचौरा में चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। सिटी बस संचालन समिति ने चार्जिंग प्वाइंट के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। जमीन मिलते ही इन्हें स्थापित कर दिया जाएगा। इससे बसों की लेट-लतीफी से यात्रियों को छुटकारा मिल सकेगा।
महानगर में तीन रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हुआ था। इन बसों की चार्जिंग महेसरा स्थित इलेक्ट्रिक बस डिपो में होती है। वर्तमान में जिले के आठ रूटों पर 25 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रहीं हैं। बसों की संख्या तो बढ़ गई, लेकिन चार्जिंग स्टेशन एक ही है, ऐसे में बसों के चार्जिंग में दिक्कत आ रही है। इस समस्या को देखते हुए इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने यहां तीन और चार्जिंग प्वाइंट बनाने का निर्णय लिया है।
जल्द आएंगी 25 और ई बसें: महानगर में जल्द ही 25 और इलेक्ट्रिक बसें आ जाएंगी। इन बसों के आने के बाद दो टूरिस्ट बसों सहित बसों की कुल संख्या 52 हो जाएगी। ऐसे में चार्जिंग की समस्या और बढ़ जाएगी, ऐसे में जिम्मेदार जमीन की तलाश में जुटे हैं।
इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीके तिवारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बस डिपो के बेड़े में 25 नई बसें और शामिल होने वाली हैं। इसके लिए भटहट, चौरीचौरा और सहजनवां में चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। जमीन मिलते ही चार्जिंग प्वाइंट बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक बस से गोरखनाथ मंदिर पहुंचे 13 हजार श्रद्धालु
खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को इलेक्ट्रिक बसों से काफी सहूलियत मिली। सिटी बस संचालन समिति ने खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं की होने वाली भीड़ को देखते हुए सभी 27 बसों को विभिन्न रूटों से गोरखनाथ मंदिर के लिए दो दिनों तक खिचड़ी मेला स्पेशल के रूप में चलाने का निर्णय लिया। इसके बाद इन बसों में सवार होकर 14 जनवरी को 6,420 लोगों और 15 जनवरी को 6,946 लोग गोरखनाथ मंदिर पहुंचे।