गोरखपुर जिला महिला अस्पताल की कार्यवाहक एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी और उनके पति व अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एके त्रिपाठी ने बाल रोग चिकित्सक द्वारा उत्पीड़न के आरोपों के मामले में एडी हेल्थ के पास अपना बयान दर्ज करा दिया है। शासन के निर्देश पर हो रही जांच में डॉक्टर दंपती ने ई-मेल से बयान दर्ज कराया है। अब जिला महिला अस्पताल के शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार व एक लिपिक का बयान दर्ज होना बाकी है। दोनों ने डॉक्टर दंपती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक सदर सांसद रविकिशन ने डॉक्टर दंपती के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की थी। शिकायत पर कोई कार्रवाई न हुई तो सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। इसके बाद जांच में तेजी आई। डॉ. नीना त्रिपाठी के खिलाफ पहले हुई शिकायतों में आरोप पत्र दाखिल कर वेतन वृद्धि रोकने का आदेश हुआ है।
एडी हेल्थ डॉ. रमेश गोयल ने कहा कि डॉ. नीना त्रिपाठी और डॉ. एके त्रिपाठी ने ई-मेल के जरिये अपना बयान दर्ज कराया है। अभी डॉ. अजय शंकर देवकुलियार और लिपिक का बयान दर्ज होना है। सभी का बयान दर्ज होते ही शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
सीएमओ से मुलाकात नहीं हो सकी
जिला महिला अस्पताल से रिलीव हुए शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय शंकर देवकुलियार बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय के सामने अपनी बात रखने पहुंचे थे। लेकिन उनकी मुलाकात सीएमओ से नहीं हो सकी। बता दें कि डॉ. देवकुलियार और डॉ. नीना त्रिपाठी के पति डॉ. एके त्रिपाठी के बीच कुछ साल पहले मारपीट भी हुई थी। मामले में डॉ. देवकुलियार ने डॉ. एके त्रिपाठी के खिलाफ केस भी दर्ज कराया था। इस बीच उन्हें बुधवार को महिला अस्पताल से रिलीव कर दिया गया है।