उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में वर्ष 2021 के शुरूआती महीनों में कलेक्ट्रेट का पता छह से आठ महीनों के लिए बदल जाएगा। कलेक्ट्रेट के नए इंटीग्रेटेड भवन के निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
पुरानी इमारत को ध्वस्त कर नई का निर्माण शुरू होगा। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने तक कलेक्ट्रेट में स्थित डीएम, एडीएम के दफ्तर व कोर्ट समेत अन्य कार्यालयों को रेलवे बस स्टेशन के सामने स्थित पर्यटन विभाग में शिफ्ट किया जा सकता है। हालांकि अभी इसपर अंतिम मुहर नहीं लगी है, मगर वर्तमान में सबसे बेहतर विकल्प पर्यटन विभाग को ही माना जा रहा है। वहीं एसएसपी समेत पुलिस अफसरों के भी कार्यालय, निर्माण पूरा होने तक दूसरी जगह शिफ्ट होंगे।
कलेक्ट्रेट की मुख्य इमारत में ही डीएम, एडीएम समेत एसएसपी और एसपी आदि पुलिस अफसरों के भी कार्यालय हैं। 1902 में बनी कलेक्ट्रेट की इस इमारत की उम्र पूरी होने के साथ ही लोनिवि इसे बहुत पहले ही निष्प्रयोज्य घोषित कर चुका है। पिछले पांच वर्षों यानी सपा शासन से ही नई इमारत के लिए प्रयास किया जा रहा था मगर इसे गति मिली प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के आने के बाद।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएम ने 40 करोड़ से प्रशासन के हिस्से और 21 करोड़ की लागत से एसएसपी दफ्तर की इमारत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। दोनों की इमारत एक होगी, लेकिन विभाग अलग-अलग होने की वजह से कलेक्ट्रेट का प्रस्ताव जहां राजस्व विभाग वहीं पुलिस का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया था। राजस्व और गृह विभाग से मंजूरी के बाद अब कैबिनेट से भी कलेक्ट्रेट की नई इमारत को मंजूरी मिल गई है।