फोरलेन बनाने के लिए 100 से ज्यादा दुकान और मकान का कुछ हिस्सा तोड़ना पड़ेगा। सबसे ज्यादा तोड़फोड़ आजाद चौक से लेकर हनुमान मंदिर तक हो सकती है। ऐसे में अब सर्वे रिपोर्ट के बाद जमीन के मुआवजे की रकम निकाली जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद ही तय होगा कि सड़क कितनी चौड़ी होगी। दुकानदार अवधेश सिंह ने बताया कि पहले भी एक बार सर्वे हुआ था, तब बताया गया कि सड़क के लिए दुकान में करीब दो फीट तक जमीन ली जाएगी। अब देखिए, क्या होता है। सबको फाइनल प्रोजेक्ट का इंतजार है। उम्मीद है कि प्रशासन दुकानदारों का भी ख्याल रखेगा।
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शादी के समय तो पैदल चलना भी मुश्किल
आजाद चौक से बगहा बाबा तक आए दिन लोगों को जाम से गुजरना पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह सकरी रोड है। सड़क पर ही ठेले और दुकानों के बाहर लगने वाली गाड़ियां हैं। शादी के समय तो लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस रोड पर तीन से अधिक मैरिज हाउस भी है, जिस वजह से शादियों के समय ज्यादा परेशानी होती है।
सोमवार की शाम करीब पांच बजे आजाद चौक पर ही जाम लग गया था। चौराहे पर उत्तर की ओर आधी सड़क पर ठेले पर सब्जी और चाट-मोमो की दुकानें लगी थीं। गाड़ियां रेंगती हुईं आगे बढ़ रही थी। थोड़ा और आगे बढ़ने पर हनुमान मंदिर चौराहे के पास भी चलना मुश्किल था। यहां पान की गुमटी रखे उमाशंकर बताते हैं, सुबह में ईंट लदे ट्रैक्टर ट्राली आजाद चौक से लेकर बगहा बाबा रोड पर लग जाते हैं। इसके बाद रोड और सकरी हो जाती है और सुबह छह बजे से ही जाम की स्थिति हो जाती है।
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वहीं, अर्जुन बताते हैं, सुबह से लेकर शाम तक आजाद चौक के पास ठेले लगते हैं, जिस वजह से सड़क चलने के लिए बचती ही नहीं है। इस वजह से रोजाना ही जाम झेलना पड़ता है। जाम की वजह से चार पहिया वाहन लेकर निकलने से पहले सोचना पड़ता है। दुकान के सामने ही बाइक भी लोग देते है, जो जाम को और बढ़ा देता है। शादी के समय और दिक्कत होती है। मैरिज हाउस के बाहर ही गाड़िया लग जाती है और पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने कहा कि कमिश्नर के निर्देश पर आजाद चौक से डोमवा ढाला तक सड़क का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार किया गया है। रिपोर्ट कमिश्नर के यहां भेज दी गई है। अब शासन का जो निर्देश होगा उसके अनुसार कार्य कराया जाएगा।