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Gorakhpur News: एम्स थानेदार ने कोर्ट में कर दी जज पर ये टिप्पड़ी, कारण बताओ नोटिस- अब देना होगा स्पष्टीकरण

Thu, 02 May 2024 10:28 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

थाना एम्स में पंजीकृत केस अपराध संख्या 193 सन 2023 धारा 447 व 506 भारतीय दंड संहिता में जेल में पहले से निरुद्ध कमलेश यादव और दीनानाथ प्रजापति का 14 दिन का रिमांड प्राप्त करने के लिए विवेचक रमेश चंद्र कुशवाहा ने प्रार्थना पत्र दिया था।
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कोर्ट( प्रतीकात्मक, कानूनी हथौड़ा) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स के थाना प्रभारी ने बुधवार को एक मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट पर व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम (प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) अरुण यादव ने एम्स थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।

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साथ ही पूछा है कि क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही चलाने के लिए हाईकोर्ट को संदर्भित कर दिया जाए। वहीं, रिमांड की अगली सुनवाई अब एसीजीएम द्वितीय में होगी। सूचना पाकर भारी संख्या में अधिवक्ता जुट गए और एसओ का विरोध करने लगे। मौके की नजाकत देख एसओ वहां से चले गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना एम्स में पंजीकृत केस अपराध संख्या 193 सन 2023 धारा 447 व 506 भारतीय दंड संहिता में जेल में पहले से निरुद्ध कमलेश यादव और दीनानाथ प्रजापति का 14 दिन का रिमांड प्राप्त करने के लिए विवेचक रमेश चंद्र कुशवाहा ने प्रार्थना पत्र दिया था।
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रिमांड पर सुनवाई के लिए प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह व अभियोजन अधिकारी उपस्थित थे। दोनों अभियुक्त जेल से तलब थे। अभियुक्त के अधिवक्ता की ओर से रिमांड का विरोध किया जा रहा था। कोर्ट ने विवेचक रमेश चंद्र कुशवाहा से पूछा कि किस प्रकार धारा 447 गठित हो रहा है और धारा 506 के अपराध के किए जाने की तिथि समय और स्थान क्या है?

इसी बात पर प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने कहा कि अभियुक्त इसी न्यायालय में सुनवाई चाहता है। आपको सुनवाई नही करनी चाहिए। कोर्ट ने उन्हें शांत रहने के लिए कहा तो वह और व्यक्तिगत टिप्पणी करने लगे। इसे कोर्ट ने न्यायिक कार्य में अनावश्यक हस्तक्षेप मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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