अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को 31 जुलाई को 108 डॉक्टर मिलने की उम्मीद है। इन डॉक्टरों का साक्षात्कार शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इन डॉक्टरों के चयन के बाद एम्स प्रशासन 750 बेड का अस्पताल शुरू कर सकता है।
जानकारी के मुताबिक, अभी एम्स में 300 बेड संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन, इन बेडों पर गंभीर मरीज नहीं भर्ती किए जा रहे हैं। इनमें केवल उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनका ऑपरेशन एम्स प्रशासन की टीम करती है। इनमें छोटे ऑपरेशन से लेकर सामान्य प्रसव शामिल हैं।
इन बेडों में 14 ऑपरेशन थियेटर और 60 आईसीयू बेड अभी चलाए जा रहे हैं। इन डॉक्टरों के मिलने के बाद एम्स में बड़े ऑपरेशन के साथ अन्य ऑपरेशन थियेटर भी संचालित किए जाएंगे।
मीडिया प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि एम्स में प्रसव की शुरुआत हो चुकी है। जल्द ही हार्ट, न्यूरो, नेफ्रो और यूरो के ऑपरेशन भी शुरू किए जाएंगे। रक्त के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के रक्तकोष से समझौता भी हो चुका है।
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों के मिलने के बाद गंभीर बीमारियों की ओपीडी भी एम्स में शुरू हो जाएगी। मौजूदा समय में 17 विभागों की ओपीडी चल रही है। इनमें आर्थो से लेकर, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नाक, कान, गला, बाल रोग, मेडिसिन जैसे विभाग शामिल हैं।