गोरखपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ब्रेस्ट से संबंधित रोगियों के लिए ओपीडी शुरू हो गई है। ब्रेस्ट कैंसर, ब्रेस्ट में गांठ, ब्रेस्ट की अन्य बीमारियों का इलाज हो सकेगा। यह सेवा सप्ताह में हर बुधवार दोपहर दो से चार बजे के बीच मिल रही है।
पूर्वांचल में अब तक ब्रेस्ट से संबंधित रोगों के इलाज के लिए लखनऊ और दिल्ली जाना पड़ता था। एम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद से हर सप्ताह 25 से 30 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। एम्स के मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि 29 दिसंबर से ब्रेस्ट से संबंधित रोगों के इलाज के लिए ओपीडी शुरू हो गई है। महिलाओं के साथ ही पुरुष भी इलाज करा सकते हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, गांठ जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। सही समय पर इलाज न मिलने से बीमारी गंभीर हो जाती है।
लक्षण दिखें तो तत्काल दिखाएं
बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्य ने बताया कि ब्रेस्ट के आकार में बदलाव, सूजन, गांठ, जलन आदि की परेशानी अगर किसी महिला को है, तो वह तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। यह ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हो सकता है। बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
पुरुषों में गाइनेकोमास्टिया की दिक्कत
डॉक्टरों का कहना है कि पुरुषों की चेस्ट में गाइनेकोमास्टिया की समस्या हो सकती है। इस बीमारी में पुरुषों की चेस्ट में असामान्य वृद्धि होने लगती है। दर्द भी रहता है। एम्स में इस तरह के मरीज आने शुरू हो गए हैं। हर 10 मरीजों में एक से दो रोगी पुरुष भी होते हैं।
एम्स में चल रही है इन विभागों की ओपीडी
एम्स में सामान्य चिकित्सा विभाग, हड्डी रोग विभाग, श्वसन रोग विभाग, मनोरोग चिकित्सा विभाग, नाक, कान, गला रोग विभाग, शिशु रोग विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, नेत्र एवं चिकित्सा विभाग, त्वचा रोग विभाग, दंत चिकित्सा विभाग, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग, विकिरण चिकित्सा विभाग, सामुदायिक मेडिसिन एवं फैमिली मेडिसिन विभाग की ओपीडी चल रही है।