शासन ने निर्देश दिया था कि हर गांव से कम से कम एक व्यक्ति का गोल्डन कार्ड जरूर बनवाया जाए। इसके बाद से जिले में 84 गांवों में अभियान चलाकर गोल्डन कार्ड बनाए गए। सीएमओ ने बताया कि अगर गांव में एक भी गोल्डन कार्ड बन जाएगा तो दूसरे लोग भी कार्ड बनवाने के लिए आगे आएंगे।
नि:शुल्क है इलाज की सुविधा
जिन लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बने हैं, उनके परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक का इलाज नि:शुल्क है। वह इसका लाभ निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों में भी ले सकते हैं। इसके लिए 89 अस्पतालों को शामिल किया गया हैं। इनमें 64 निजी अस्पताल हैं।
कार्ड बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र,
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य केंद्रों और सहज जन सेवा केंद्रों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए निर्देशित किया गया है। हर परिवार में कम से कम एक व्यक्ति का कार्ड बन जाएगा तो अन्य लोग भी प्रेरित होंगे।