पिछले सर्वे में 1500 अंक डायरेक्ट ऑब्जरवेशन के थे और इतने ही पब्लिक फीडबैक के यानी कि कुल 6000 अंकों के सर्वे में 50 फीसदी अंक इन दोनों कैटेगरी के थे, लेकिन इसमें कई जगह दोहराव था। इस बार इन दोनों को जोड़कर एक कैटेगरी बनाई गई है।
इस कैटेगरी का नाम है सिटीजन वॉइस। 6000 अंकों के सर्वे में इसके लिए इस बार 1800 अंक तय किए गए हैं। पहले कई शहर अक्सर इसमें गड़बड़ी किया करते थे। ऐसे में इस बार इस व्यवस्था के तहत ज्यादा पारदर्शिता होगी और गड़बड़ी की आशंका कम रहेगी।
अपर नगर आयुक्त एवं प्रभारी स्वच्छ सर्वेक्षण डीके सिन्हा ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए अन्य गतिविधियां सुचारू रूप से चल रहीं हैं। नगर निगम अपने स्तर पर इस बार भी बेहतर करने की कोशिश में लगा हुआ है। इस बार स्वच्छ भारत मिशन में पहली बार राज्यों और शहरों को मेडल मिलेंगे। सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले को प्लेटिनम मेडल मिलेगा।