टेराकोटा के ज्वेलरी की कारीगर रश्मि वर्मा ने कहा कि ट्रेड फेयर में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद के व्यापारियों के अलावा दुबई और रूस के व्यापारियों ने भी प्रोडक्ट का सैंपल लिया है। सभी ने इन नए डिजाइन और इसके निर्माण में प्रयुक्त प्राकृतिक वस्तुओं की सराहना की है। यह आभूषण आग में तपाकर बनाए गए हैं, इसलिए पसीने से खराब भी नहीं होंगे।
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इनका वजन भी अन्य आभूषण की तरह हल्का है। महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी के स्थान पर इसका खूब प्रयोग कर रही हैं। अब तक करीब 200 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इनमें से करीब 80 महिलाएं हर दिन आभूषण बना रही हैं।