अंडर-17 की गोला फेंक प्रतियोगिता में रिकॉर्ड बनाने वाली मनस्वी सिद्धू मुरादाबाद मंडल के अमरोहा जिले की रहने वाली हैं। इनके पिता अतिन सिद्धू किसान हैं और मां दीपिका गृहिणी हैं। मनस्वी ने बताया कि आर्थिक समस्याओं के कारण खेल के हिसाब से डाइट नहीं मिल पाती है, लेकिन यह कोई बाधा नहीं है।
इसे तो पार कर ही लेंगे, लक्ष्य तो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। अपनी सफलता का श्रेय पिता और कोच को देते समय मनस्वी किसी और ही दुनिया में खो जाती हैं। मानो अपने सपने को मुठ्ठी में कैद कर लेना चाह रही हों।
रूम लेकर शहर में रहती हैं कनक
अंडर-17 की लंबी कूद स्पर्धा में रिकॉर्ड बनाने वाली मुरादाबाद के महेशपुर गांव की रहने वाली कनक के पिता किसान हैं। गांव में खेल की सुविधाओं का अभाव है, लेकिन कनक खेलना चाहती हैं। अपना ही नहीं देश, माता-पिता और गांव का नाम रोशन करना चाहती हैं। यही वजह है कि वह अपने सपने को पूरा करने के लिए मुरादाबाद में किराए पर कमरा लेकर रहती हैं और सोनकपुर स्टेडियम में अभ्यास करती हैं।
कनक का कहना है कि कमाने वाले केवल पिता हैं। ऐसे में आर्थिक समस्याओं से जूझना ही पड़ता है। अब तो इसकी आदत सी हो गई है। आगे बढ़ना है तो ऐसी समस्याओं की अनदेखी करनी ही पड़ेगी। कनक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया।
दिल्ली में तैयारी कर रही नेहा
अंडर-19 की गोला फेंक प्रतियोगिता में कीर्तिमान स्थापित करने वाली नेहा मथुरा जिले की रहने वाली हैं। वह आगरा मंडल से खेलती हैं। नेहा के पिता अशोक कुमार पुलिस में हैं और माता गृहिणी हैं। इन दिनो नेहा दिल्ली में इंटरनेशनल कोच प्रवेश तोमर के मार्गदर्शन में तैयारी कर रही हैं। नेहा ने कहा कि पहली बार रिकॉर्ड बनाकर अच्छा लग रहा है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड लाना लक्ष्य है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता को दिया।