कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी। (फाइल)
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गोरखपुर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच निजी अस्पतालों को सीएमओ ने निर्देश दिया है कि ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों की कोविड जांच हर हाल में कराएं। एंटीजन के साथ उनका नमूना आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजा जाए। ओपीडी में मरीज के साथ केवल एक तीमारदार को प्रवेश दिया जाए। जरूरत के मुताबिक फोन पर अप्वाइंटमेंट दें।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन सबके बीच निजी अस्पतालों में ओपीडी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालकों को निर्देशित किया है कि अस्पतालों में कोरोना के मरीज मिलने पर तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।
कोरोना मरीजों को कोविड अस्पतालों में भेजने से पहले वहां पर बेडों की जानकारी पहले से कर लें। बेड खाली होने पर ही इलाज के लिए भेजे। मरीज के संपर्क में आने वाले अस्पतालकर्मी और परिजनों को होम क्वारंटीन कराएं। 10 बेड से अधिक क्षमता वाले अस्पतालों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम की स्थापना करें।
यदि कोरोना के मरीज की मौत हो जाती है तो शव में लगे सभी ट्यूब्स, ड्रेन, कैथेटर्स को तत्काल हटा दें। मुंह, नाक, कान ओरफिसेज को सील करें, जिससे की शव के तरल पदार्थ का लिकेज न हो। शव को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोरोइट सोल्यूशन से विसंक्रमित करें। इस काम में लापरवाही न होने पर संक्रमण की संभावना अधिक रहेगी। इसलिए इसमें लापरवाही बिल्कुल न बरतें।