पूर्वोत्तर रेलवे में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण एवं अन्य कार्यों के लिए बजट-2021-22 में 4467 करोड़ रुपये मिले हैं। यह पिछले वर्ष के बजट आवंटन की तुलना में करीब 40 प्रतिशत अधिक है। डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी लाइन व गोरखपुर-नकहा जंगल दोहरीकरण के लिए 105 करोड़ मिले हैं। इस राशि से कार्य में तेजी आएगी और गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे में सबसे ज्यादा धनराशि 10 रेल दोहरीकरण परियोजना के लिए 1786 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें गोरखपुर से नकहा जंगल और गोरखुपर कैंट-वाल्मीकिनगर शामिल है। इसके अलावा स्वीकृत नई लाइन निर्माण परियोजनाओं के लिए 604 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसमें ताड़ीघाट-गाजीपुर-मऊ नई लाइन निर्माण के लिए 559 करोड़ मिले हैं।
बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर नई लाइन निर्माण के लिए 20 करोड़ का आवंटन हुआ है। जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश स्थित बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर जैसे आकांक्षी जिलों के विकास को गति मिलेगी। पूर्वोत्तर रेलवे पर इंदारा-दोहरीघाट, लखनऊ-पीलीभीत, शाहजहांपुर-पीलीभीत एवं नानपारा-नेपालगंज रोड आमान परिवर्तन परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए 365 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
यहां होगा दोहरीकरण
छपरा-बलिया, गाजीपुर सिटी-औंड़िहार, माधोसिंह-प्रयागराज, फेफना-इंदारा, मऊ-शाहगंज, भटनी-औंड़िहार, औंड़िहार-जौनपुर, मल्हौर-डालीगंज, गोरखपुर कैंट-बाल्मीकिनगर, गोरखपुर-नकहा जंगल।
तीसरी लाइन
डोमिनगढ़-कुसम्ही, बुढ़वल-गोंडा।
21.15 किमी लंबी है डोमिनगढ़-कुसम्ही तीसरी लाइन
डोमिनगढ़ से कैंट स्टेशन होकर कुसम्ही तक तीसरी लाइन 21.15 किमी लंबी है। इसके बनने से आउटर पर ट्रेनें खड़ी नहीं होंगी। मालगाड़ियां भी फर्राटे से गंतव्य को रवाना हो जाएंगी। पिछले बजट में तीसरी लाइन के लिए 126 करोड़ रुपये मिला था। जिसके बाद काम शुरू कराया गया। इस परियोजना को 2016 के बजट में मंजूरी दी गई थी।
लिफ्ट, एस्केलेटर लगेंगे, धार्मिक स्थानों को महत्व
बजट 2021-22 में पूर्वोत्तर रेलवे पर यात्री सुविधाओं को और बेहतर एवं आधुनिक बनाने के लिए 422.9 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत चिह्नित स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर के साथ ही साथ स्थानीय वस्तुशिल्प, धार्मिक आचार-विचार के अनुरूप स्टेशनों को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण के लिए 20.7 करोड़ तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण में 2.6 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
पूर्वोत्तर में किस मद में कितना बजट मिला
कार्य का नाम बजट
नई लाइन निर्माण 604 करोड़
रेलवे दोहरीकरण 1786 करोड़
रेल ट्रैक नवीनीकरण 250 करोड़
आरओबी, आरयूबी 152 करोड़
रेलवे क्रासिंग रखरखाव 59.5 करोड़
पुल की मरम्मत 20 करोड़
सिग्नल एवं दूरसंचार कार्य 52.4 करोड़
विद्युत कार्य 13.99 करोड़
कंप्यूटरीकरण कार्य 03 करोड़
रोलिंग स्टाक 18.8 करोड़
लीज्ड परिसंपत्तियों के लिए 390 करोड़
एम एंडपी कार्य 22.8 करोड़
विशेषीकृत कार्य 24.2 करोड़
कारखानों के लिए 143.9 करोड़
यातायात सुविधाएं 114 करोड़
यात्री सुविधाएं 422.9 करोड़
कर्मचारी कल्याण 20.7 करोड़
कर्मचारी प्रशिक्षण 2.6 करोड़