गोरखपुर। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का दो मई को गोरक्षनगरी में आगमन होगा। तीन मई को यहीं से उनकी गविष्टी यात्रा का शुभारंभ होगा। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी, जिसमें वह प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे। यात्रा का उद्देश्य गो-माता को ‘पशु’ की श्रेणी से हटाकर राज्य माता और राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए लोगों को जागरूक करना है।
गो-सेवा दल की ओर से यह कार्यक्रम तारामंडल स्थित भारत माता मंदिर में आयोजित होगा। मंडल संयोजक एडवोकेट मनीष पांडेय ने बताया कि दो मई को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आगमन होगा। तीन मई को आयोजित कार्यक्रम में वह पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही आशीर्वचन से पूर्व लगभग 2500 वर्ष पुरानी शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन भी किया जाएगा। इसके बाद वह श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे और गो-माता को राज्य व राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण करेंगे।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी जगद्गुरु के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जहां वे जनसभाओं के माध्यम से गो-संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे। यात्रा में लगभग 150 साधु-संत भी उनके साथ रहेंगे। मंडल संयोजक के अनुसार, यात्रा वापसी के दौरान 21 जुलाई को दोबारा गोरखपुर पहुंचेगी। यहां 22 व 23 जुलाई को प्रवास के बाद 24 जुलाई को जगद्गुरु लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।