गैसीफायर शवदाह गृह में अंत्येष्टि के लिए अभी 1800 रुपये शुल्क निर्धारित है, जिसे एक जुलाई से राप्ती नदी को स्वच्छ करने की मुहिम के तहत निशुल्क कर दिया गया है। इसे ग्रीन दाह संस्कार योजना का नाम दिया गया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अंत्येष्टि के मामले में राप्ती नदी को स्वच्छ रखने के लिए लोगों को भी थोड़ा सहयोग करना होगा। नदी किनारे बने बाबा मुक्तेश्वर नाथ मुक्ति धाम पर ही लोग शवों की अंत्येष्टि करें। अभी अंतिम संस्कार में 1800 रुपये का शुल्क देना होता है। इसे एक जुलाई से पूरी तरह खत्म किया जा रहा है। सिर्फ पंजीकरण के लिए 200 रुपये देने होंगे।
नगर निगम मुख्य अभियंता संजय चौहान ने कहा कि गैसीफायर की तीनों मशीनें सही हो गई हैं। फर्म ने पिछले दिनों कुछ अंत्येष्टि की वीडियो भेजकर जानकारी दी थी। मौके पर अपनी टीम भेजकर जांच भी कराई गई है।