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Gorakhpur News: सपनों का घर बसाने से पहले बुझ गई गंगोत्री की जिंदगी

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मकान खरीदने के लिए जोड़ रही थीं रुपये, शादी की तैयारी कर रहा था परिवार
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छह लाख का कर्ज लेकर खड़ी की थी प्रिंटिंग प्रेस, धीरे-धीरे चुका रही थीं उधार

दो दिन तक नहीं मिला सुराग, पार्टनर के जवाब न देने से गहराया शक

गोरखपुर। अपनों के लिए सहारा बनीं 25 वर्षीय गंगोत्री अपने सपनों का घर बसाने की तैयारी में जुटी थीं। छह लाख रुपये कर्ज लेकर उन्होंने प्रिंटिंग प्रेस की दुकान शुरू की थी। धीरे-धीरे कर्ज चुकाते हुए भविष्य के लिए बचत भी कर रही थीं। शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बंद दुकान के रेस्ट रूम में उसका शव मिलने से न सिर्फ एक जिंदगी खत्म हुई, बल्कि उसके परिवार के सपने भी बिखर गए।
महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के करमैनी गांव निवासी राजेंद्र यादव की सबसे छोटी बेटी गंगोत्री पिछले 10 वर्षों से गोरखनाथ क्षेत्र के कौड़ियहवा में किराए के मकान में रह रही थीं। तीन भाइयों रमेश, उमाकांत और श्रीकांत में वह एकलौती बहन थीं और पूरे परिवार की उम्मीदों का केंद्र भी। गंगोत्री पढ़ाई में भी आगे थीं। यूनिवर्सिटी से एमए करने के बाद उन्होंने गोरखनाथ चिकित्सालय में नर्स की नौकरी शुरू की थी। कुछ समय बाद आत्मनिर्भर बनने की चाह में उन्होंने नौकरी छोड़कर प्रिंटिंग प्रेस का काम शुरू किया। इसके लिए छह लाख रुपये का कर्ज लिया था। परिवार के मुताबिक, वह कड़ी मेहनत कर धीरे-धीरे कर्ज चुका रही थीं और साथ ही अपना खुद का मकान खरीदने के लिए रुपये भी जोड़ रही थीं।
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परिवार की आर्थिक स्थिति थी सामान्य
बड़ा भाई रमेश गांव में खेती करता है, जबकि उमाकांत पंजाब में और श्रीकांत महराजगंज में ऑटो चलाकर परिवार का सहयोग करते हैं। गंगोत्री भी अपने स्तर से घर का खर्च उठाने में मदद करती थी। पिता राजेंद्र यादव के अनुसार, वह मेहनती और ईमानदार थी, और उसकी शादी के लिए रिश्ते भी देखे जा रहे थे। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। भाई रमेश के अनुसार, गंगोत्री दो दिनों से अपने कमरे पर नहीं लौटी थीं। चिंतित होकर उन्होंने उसके पार्टनर को कई बार फोन किया। आरोप है कि वह फोन तो उठा रहा था लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा था।
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पार्टनर के भाई ने भी किया गुमराह
संदेह बढ़ने पर रमेश उसके पार्टनर के भाई के कपड़े के शोरूम पर भी पहुंचे लेकिन वहां से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। इस बीच समय बीतता गया और अनहोनी की आशंका गहराती गई। आखिरकार जब दुकान से दुर्गंध आने की सूचना मिली और पुलिस ने शटर खोलकर अंदर देखा तो रेस्ट रूम में गंगोत्री का शव पड़ा मिला। यह दृश्य देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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