पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय होने के चलते यहां युवकों को अपने झांसे में लेना आसान है। ऐसे में यह गिरोह लंबे समय से युवकों को जालसाजी का शिकार बना रहा था। पकड़े गए युवकों से पूछताछ में पता चला कि वे कई विभागों में आते-जाते थे। ऐसे नेटवर्क फैलाया था कि जिस युवक को झांसे में लेते थे, उसे फर्जी अधिकारी, कर्मचारी से मिलवाते थे ताकी पक्का यकीन हो जाए। विभागों के गेट पर बुलाकर हस्ताक्षर पंजिका पर हस्ताक्षर भी कराते थे।
लखनऊ व दिल्ली तक फैला है नेटवर्क
जालसाजों को नेटवर्क लखनऊ और दिल्ली तक फैला हुआ है। जहां से बड़ी आसानी से दूसरे शहरों से युवकों को फंसाकर लाते हैं। इस नेटवर्क में जुड़े कई और लोग शामिल हैं जिनकी तलाश में आरपीएफ जुटी है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है।