उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के दोहरीघाट कार हादसे में पांचों मौतें चोट लगने से नहीं, बल्कि पानी में डूबने से हुई है। पुलिया से टकराने के बाद कार सीधे नाले में जा गिरी। पांच फीट से ज्यादा गहरे नाले में गिरने के बाद कार पलट गई, जिससे पिछली सीट पर सवार चारों बच्चों और महिला को निकलने का मौका नहीं मिला और उनकी दम घुटने से मौत हो गई। इसकी पुष्टि दोहरीघाट सीएचसी प्रभारी डॉ. फैजान ने की।
वहीं, कार के पुलिया से टकराने के बाद दरवाजा खुल जाने से कार चला रहे महेश और दीपिका सड़क पर ही गिर गए। घायल महेश तथा उनकी भयोहू दीपिका को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
रविवार सुबह एडीएम केहरि सिंह ने जिला अस्पताल जा कर घायलों के बारे में जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक सुशील चंद्रभान घुले ने बताया कि पुलिस कर्मियों ने रेस्क्यू कर घायलों को सीएचसी पहुंचाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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मृतकों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
चार मासूमों का शव देख सभी की आंखें नम
बताया जा रहा है कि दिनेश पुत्र पतरू सेना में हैं। इनके बड़े भाई महेश छत्तीसगढ़ के जिला कोरिया के डोमनहील में नौकरी करते हैं। महेश ही अपने व दिनेश के परिवार को कार से लेकर गोरखपुर आ रहे थे।
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हादसे की खबर से गांव में मातम।
- फोटो : अमर उजाला।
बड़हलगंज प्रतिनिधि के मुताबिक घटना के बाद वहां भीड़ लग गई। जिस किसी ने एक साथ चार मासूमों का शव देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। चौरीचौरा प्रतिनिधि के मुताबिक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की खबर जैसे ही फुलवरिया गांव आई, माहौल गमगीन हो गया। तमाम लोग भागकर मऊ चले गए।
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मृतकों की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
पिछले 20 वर्षों से रखते हैं ताजिया
ग्रामीणों के मुताबिक घायल महेश मोदनवाल के पिता पतरू पिछले 20 वर्षों से मोहर्रम का ताजिया रखते हैं। वह परिवार के साथ छत्तीसगढ़ में रहते हैं। बुजुर्ग हो गए तो परिजनों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। फुलवरिया गांव के शेषमणि जायसवाल, मोहन कुमार, कृष्णा मोदनवाल व गौतम कुमार ने बताया कि 20 वर्ष पहले पतरू सड़क हादसे में घायल हो गए।
परिजनों से मन्नत मांगी और कहा कि पतरू के ठीक होने पर ताजिया रखेंगे। ठीक हुए तो ताजिया रखने का सिलसिला चल पड़ा। इस बार भी ताजिया रखने आ रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया।