मामला ग्रामीण वितरण खंड द्वितीय के उनवल बिजली घर के खजनी फीडर का है। नियम दरकिनार करके लाइन शिफ्ट गई थी। तार नीचे तक लटक रहे थे। इसकी चपेट में आने से गत 7 अगस्त को मऊमुक्तावन गांव के आर्यन झुलस गए थे। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एक महीने पहले प्रयागराज से तबादले पर आए जेई बृथराज राम ने देखा कि एचटी लाइन के तार काफी नीचे हैं। पड़ताल से पता चला कि 7 महीने पहले गुपचुप तरीके से बिना किसी अनुमति, इस्टीमेट के दो खंभे इधर से उधर शिफ्ट कर दिए गए।
यह सब बिल्डर के दबाव में किया गया। जल्दबाजी में खंभे पर लगे तारों की सैंगिंग नहीं हो पाई। इससे तार काफी नीचे तक लटक रहे हैं। जेई ने फौरन अधिकारियों को इस गड़बड़ी की जानकारी दी। खजनी थाने में लाइन के अवैध शिफ्टिंग का मामला दर्ज कराया गया। इसका संज्ञान लेकर ही चेयरमैन ने जोन के मुख्य अभियंता व एसई से रिपोर्ट मांगी थी। अब जांच के बाद रिपोर्ट भेजी गई है।
गोरखपुर जोन के मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि उनवल में लाइन शिफ्टिंग का मामला सामने आया था। जांच करवाकर रिपोर्ट चेयरमैन को भेज दी गई है। दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें वर्तमान और पुराने सभी अधिकारी दोषी मिले हैं। क्षेत्र में एचटी लाइन शिफ्ट हो रही हो और जेई, एसडीओ को पता नहीं हो, ऐसा संभव नहीं है। वर्तमान अभियंताओं को तैनात हुए लगभग एक माह हो गए, लेकिन जानकारी नहीं थी।