मौका-मुआयना करने डीएम और अन्य अधिकारी...
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पिछले साल से ही चल रही आयुष विश्वविद्यालय की तैयारी अब जमीन पर दिखाई देने लगेगी। इसी महीने इसकी आधारशिला रखी जा सकती है। इसके लिए जिलाप्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर कुलदीप मीणा और तहसीलदार सदरडॉ संजीव दीक्षित के साथ मौके का निरीक्षण कर जरूरी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया।
प्रशासन ने भटहट क्षेत्र के पिपरी एवं तरकुलहां में करीब 52 एकड़ जमीन चिन्हित की है। संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसविवि का शिलान्यास करने या तो गोरखपुर आ सकते हैं या इस कार्यक्रम से आनलाइन जुड़ सकते हैं। भटहट प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने कार्यक्रम स्थल पर हेलीपैड बनाने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जमीन के कुछ हिस्से में जलजमाव देख डीएम ने नाराजगी जताई है।
मौके पर मौजूद लेखपाल संदीप कुमार ने बताया कि यहां का पानी तरकुलहा गांव होते हुए ड्रेनेज केमाध्यम से तुर्रा नाले में गिरता है। पिछले कुछ महीने से तरकुलहा निवासी कुछ लोगों ने ड्रेनेज में मिट्टी डालकर पाट दिया है और वहां निर्माण भी कराया गया है, जिससे जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसपर डीएम ने तत्काल मौके से ही भटहट की खंड विकास अधिकारी कृतिका अवस्थी को फाइल तैयार करने और मनरेगा मजदूरों के जरिए ड्रेनेज को साफ कराने का निर्देश दिया।
सदर तहसीलदार से कहा कि पुलिस का सहयोग लेकर अवैध कब्जा हटाया जाए। प्रशासन ने कई स्थानों पर आयुष विश्वविद्यालय के लिए जमीन देखी थी लेकिन कुछ न कुछ वजह से वह फाइनल नहीं हो सकी। विश्वविद्यालय के लिए पहले चौरीचौरा के मलमलिया और फिर सदर तहसील के बास स्थान में जमीन चिह्नित की गई थी मगर दोनों ही जगर पर कुछ न कुछ विवाद सामने आने पर इसे हरी झंडी नहीं दी गई। अंतिम में भटहट क्षेत्र के दो गांवों में सीलिंग की जमीन कब्जे में ली गई। अब यहीं पर आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण होना है।