गोरखपुर कलेक्ट्रेट की नई इमारत की नींव जल्द ही पड़ सकती है। कोरोना और फिर विधानसभा चुनाव की वजह से इसके निर्माण कार्य में देरी हो गई। मगर, अब प्रशासन इसमे फिर तेजी ला रहा है।
शुक्रवार को डीएम विजय किरन आनंद ने कलेक्ट्रेट की शिफ्टिंग के सिलसिले में पर्यटन विभाग के कार्यालय का निरीक्षण किया। दरअसल, जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, कलेक्ट्रेट के सभी कार्यालय दूसरी जगह शिफ्ट होने हैं। फिलहाल पर्यटन कार्यालय, सबसे बेहतर विकल्प दिख रहा है। हालांकि अभी इसपर अंतिम मुहर नहीं लगी है।
कलेक्ट्रेट की नई इमारत के लिए डीपीआर आदि को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। पिछले साल मार्च में ही कलेक्ट्रेट की करीब 118 साल पुरानी (निर्माण वर्ष 1902-03) इमारत 52.51 लाख रुपये में नीलाम हुई थी। सर्वाधिक बोली लगाने वाली फर्म को कलेक्ट्रेट की सभी इमारतों को तोड़ने और उनका मलबा हटाकर इस्तेमाल करने का काम सौंपा गया था।
नई इमारत करीब तीन साल में बनकर तैयार हो पाएगी। तब तक के लिए कलेक्ट्रेट रेलवे बस स्टेशन के सामने पर्यटन विभाग की बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा सकता है। इसी तरह एसएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के कार्यालय भी अलग-अलग जगह शिफ्ट होंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड भवन के प्रथम तल पर एक तरफ डीएम तो दूसरी तरफ एसएसपी कार्यालय होगा। दोनों, कार्यालयों के बीच एक गैलरी होगी। इस तल पर एक मीटिंग हाल व सिंगल विंडो सिस्टम की भी व्यवस्था रहेगी। नई इमारत तीन तल की होगी, जिसमें पार्किंग के साथ ही लिफ्ट की भी सुविधा होगी।
100 गाड़ियों की क्षमता वाली पार्किंग, दूसरे तल पर होगा डीएम कोर्ट
कलेक्ट्रेट के नए इंटीग्रेटेड भवन में 100 गाड़ियों की क्षमता वाली पार्किंग की सुविधा होगी। इमारत पूरी तरह भूकंपरोधी होगी। पार्किंग से तीनों तल पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी। प्रथम तल पर डीएम व एसएसपी के कार्यालय होंगे जबकि दूसरे तल पर डीएम, एडीएम के छह कोर्ट। इसी तल पर पुलिस अधिकारियों के बैठने की भी व्यवस्था रहेगी।
दोनों तल पर टॉयलेट (महिला-पुरुष) की सुविधा रहेगी। तृतीय तल पर मालखाना, रेवेन्यू रिकार्ड रूम, बैरक, लाइब्रेरी, भूमि अध्याप्ति अधिकारी कक्ष, स्ट्रांग रूम, न्यायिक रिकार्ड रूम, स्टेशनरी रूम के अलावा दो किचन व टायलेट होगा।
डीएम विजय किरन आनंद कलेक्ट्रेट की नई इमारत के निर्माण के लिए इसे शिफ्ट किया जाएगा। फिलहाल विकल्प पर मंथन चल रहा है। जल्द ही तय हो जाएगा कि कलेक्ट्रेट कहां शिफ्ट किया जाएगा।