बसपा के पूर्व एमएलसी संजीव उर्फ रामू द्विवेदी। (फाइल फोटो)
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प्रदेश के टॉप 33 माफिया की सूची में शामिल पूर्व एमएलसी संजीव उर्फ रामू द्विवेदी को जमानत मिल जाने के बाद जेल प्रशासन ने उनको लखनऊ अस्पताल से ही शुक्रवार को रिहा कर दिया। इसके चलते उनको लखनऊ से जेल आने की जरूरत नहीं पड़ी। सुरक्षा में लगे सभी पुलिसकर्मी वापस पुलिस लाइन बुला लिए गए।
भुजौली कालोनी निवासी पूर्व एमएलसी रामू द्विवेदी सहित उनके तीन सहयोगियों को पुलिस ने 12 जून को गिरफ्तार किया था। इसके तीन बाद रामू की तबीयत खराब हो गई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां हालत नाजुक देख डाक्टरों ने पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था।
28 जून को रामू और उनके साथियों की जमानत के लिए अधिवक्ता ने प्रार्थनापत्र दिया। जिसे जिला जज रविनाथ ने मंजूर कर लिया। पर रामू द्विवेदी जेल में न होने के कारण उनकी रिहाई तुरंत संभव नहीं हो सकी। नियमों के पालन में अनदेखी न हो, इसके लिए डिप्टी जेलर, एक बंदीरक्षक रिहाई और मुचलके का कागजात को लेकर लखनऊ पहुंचे। जहां पर उन्होंने कोर्ट के आदेश के बारे में बताया और रिहा कर दिया।
इसके बाद उनकी पुलिस कस्टी को हटा लिया गया है। ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों ने शनिवार को पुलिस लाइन में आमद भी कर ली है। जेलर जेपी त्रिपाठी ने बताया कि रिहाई आदेश लेकर जेल के जिम्मेदार अधिकारी को भेजा गया था। उनकी रिहाई हो गई है। प्रतिसार निरीक्षक प्रकाश चंद्र पांडेय ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को बुला लिया गया है।