सहारा इस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति की अर्जी व कोर्ट के आदेश पर सहारा कंपनी के आल इंडिया सेल्स हेड धीरज सिंह व सेल्स मैनेजर नितिन सिंह सहित चार लोगों के खिलाफ कैंट थाने में शनिवार देर रात आपराधिक साजिश, जालसाजी सहित नौ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
सहारा इस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति के सचिव मंजीत कुमार सिंह ने केस दर्ज कराया है। दी गई तहरीर में सचिव ने लिखा है कि सहारा इस्टेट आवासीय कल्याण समिति के प्रबंधक प्रमोद कुमार राव उर्फ मुन्ना सिंह व उनके बेटे अन्वेष राव ने सहारा कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से पार्क, क्लब का अनुबंध करा लिया। इस फर्जीवाड़े की पुष्टि कंपनी के लीगल सेल ने भी की है। लिहाजा, केस में प्रमोद व उनके बेटे को भी नामजद किया गया है।
सचिव का कहना है कि समिति का पंजीकरण 2019-2020 में हुआ था, जो 15 अक्तूबर 2024 तक मान्य है। प्रमोद कुमार राव, धीरज सिंह और नितिन सिंह ने मिलकर साजिशन बाइलाज का उल्लंघन किया और गलत तरीके से पार्क, क्लब का अनुबंध अन्वेष को दे दिया। जबकि, पार्क और क्लब से होने वाली आमदनी से ही सहारावासियों को सुविधाएं दी जाती हैं। सहारा परिसर स्थित मॉडल हाउस पर अवैध कब्जा करके धनराशि जुटाई जा रही है। इतना ही नहीं, 7 दिसंबर 2021 को सहारा स्थित फन पार्क को भी प्रमोद के बेटे के नाम से अनुबंध कर दिया गया। इसके लिए सहारा कंपनी के लीगल सेल से कोई पत्राचार भी नहीं किया गया है।
अनुबंध से समिति का कोई लेना-देना नहीं है। किस आधार पर मुकदमा कराया गया, इसका जवाब कोर्ट में दिया जाएगा। अनुबंध पर क्लब लेकर वीना ट्रेडर्स ने लाखों रुपये की बकायेदारी की है। लिहाजा, पुराना अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। कंपनी हित में फैसले लिए जा रहे हैं। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
-धीरज सिंह, सेल्स हेड, सहारा कंपनी
एडीएम सिटी मामले की जांच कर रहे हैं। अनुबंध के आधार पर कब्जा मांगा गया है। अनुबंध फर्जी है या सही, यह तय करने का अधिकार समिति के सचिव को किसने दिया है। अन्वेष के नाम से अनुबंध हुआ है।
- प्रमोद कुमार राव, प्रबंधक सहारा इस्टेट आवासीय कल्याणकारी समिति
अनुबंध के हिसाब से क्लब का संचालन किया जा रहा है। अप्रैल 2022 तक पुराना अनुबंध काम कर रहा है। सहारावासियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने लीगल सेल को भरोसे में नहीं लिया और गलत तरीके से दूसरा अनुबंध कर दिया। यह सब पुलिस की जांच में साफ हो जाएगा।
-मानवेंद्र सिंह, निदेशक वीना ट्रेडर्स