देवरिया जिले के गैर वन क्षेत्र में सामुदायिक भूमि पर करीब सौ साल से अधिक के वृक्षों को विरासत वृक्ष घोषित किया है। इसमें मईल स्थित देवरहा बाबा आश्रम परिसर में स्थित पारिजात वृक्ष भी शामिल है। वन विभाग ने बीते जून में देवरिया जिले के देवरिया वन परिक्षेत्र, रुद्रपुर, गौरीबाजार में एक-एक बरगद, बरहज में एक पीपल तथा मईल रेंज में देवरहा बाबा आश्रम परिसर में स्थित पारिजात वृक्ष को विरासत वृक्ष घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा था।
उसके बाद सरकार ने उस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इन वृक्षों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग की ओर से प्रयास किया जाएगा। डीएफओ विकास कुमार यादव ने बताया कि पिछले वर्ष इन वृक्षों को विरासत वृक्ष में शामिल किया गया था। अब इनका संरक्षण और सुरक्षा करने की जिम्मेदारी वन प्रभाग की होगी।
400 वर्ष पुराना है बरगद का वृक्ष
परतालव रेंज में बरगद का पेड़ है। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि इस पेड़ के पर्यावरण संरक्षण के अलावा वट सावित्री व्रत में बड़ी संख्याओं में महिलाओं द्वारा पूजा की जाती है। स्थानीय निवासी खुद इस वृक्ष की सुरक्षा करते थे। विरासत वृक्ष के बाद अब वन प्रभाग इनकी सुरक्षा करेगा।