गोरखपुर जिले में एक सप्ताह के दौरान गोरखपुर में हत्या की पांच बड़ी वारदात हुई हैं। किसी को चाकू घोंपा गया तो किसी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में है। कुछ वारदातों के आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
गोरखपुर जिले में सोमवार को गोरखनाथ एरिया में बरात गए युवक की पीटकर हत्या कर दी गई। युवक चिलुआताल के विसुनपुरा गांव का निवासी बताया जा रहा है।
वहीं बड़हलगंज थाना क्षेत्र के सिधुआपार गांव में गत सोमवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर गोली मारकर पुष्पा यादव की हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी बदमाश नहीं पकड़े गए। बुधवार को शहर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में अंकुर शुक्ला की चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
रविवार को भी सपा नेता व पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने अंकुर के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की है। मुआवजा देने के साथ ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
गत शुक्रवार को शहर के ही कोतवाली इलाके में गंगेज होटल के पास पारिवारिक विवाद में बहनोई ने साले की चाकू से मारकर हत्या कर दी थी। अब झंगहा में रविवार को पुराने विवाद में ही गोली मारकर चाचा-भतीजे की हत्या हो गई। इन सभी घटनाओं में एक ही बात खुलकर सामने आई कि पुलिस ने अगर सक्रियता दिखाई होती तो अपराध पर अंकुश लगाने के साथ ही अपराधी भी पकड़े जा सकते थे।