खुद कर्ज से उबरने के लिए 32 महिलाओं को बना दिया कर्जदार
-समूह की महिलाओं को लोन दिलाकर फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अशोक मद्धेशिया ने साल 2021-22 में अपनी पत्नी के साथ बड़े पैमाने पर गल्ले का कारोबार शुरू किया। इस कारोबार में दंपती को लाखों रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। नतीजा यह रहा कि अशोक और उसकी पत्नी गुड्डी कर्ज के बोझ तले दब गए।
इस कर्ज से उबरने के लिए दोनों ने मिलकर दुदही कस्बा व आसपास के गांवों की 32 महिलाओं को अपने झांसे में लेकर समूह बना दिया और उन्हें माइक्रो बैंकर्स के जरिये आरोहण बैंक, एसकेएस बैंक (भारत), एस वंदना, मिसलैंड, सेव बैंक, सुकन्या बैंक, आशीर्वाद बैंक, आरबीएल बैंक, उत्कर्ष बैंक, मुथुट माइक्रोफिन, क्रेडिट एक्सिस ग्रामीण लिमिटेड, सत्या, सेव माइक्रो फाइनेंस, स्कन्द्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, स्टेन क्रेडिकेयर नेटवर्क लिमिटेड आदि से लोन दिलाया और लोन भरने का विश्वास दिलाकर उनसे 60 लाख से अधिक रुपये हड़प लिए।
हड़पे गए रुपये को अशोक ने कारोबार में हुए घाटे की भरपाई में लगा दिया। समूह में शामिल महिलाओं को इस बात की जानकारी तब हुई, जब अलग-अलग बैंकों व फाइनेंस कंपनियों के एजेंट उनसे रिकवरी करने पहुंचे। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया गया। अशोक के फोन पे से 24 लाख रुपये की जालसाजी कर धोखाधड़ी करने का साक्ष्य पुलिस के हाथ लगा है। अन्य शातिर जालसाजों की संलिप्तता को लेकर पुलिस की जांच चल रही है।
एप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मुहैया कराता था दीपक
जालसाजों के गैंग में शामिल सीएससी संचालक दीपक केशरी पडरौना के रामकोला रोड पर सीएससी चलाता है। समूह बनाकर महिलाओं के नाम से लोन दिलाने वाले दंपती को दीपक ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मुहैया कराता था। इसके लिए वह कृष्णा पोर्टल एप का सहारा लेकर वोटर कार्ड, आधार कार्ड आदि का केवाईसी कर कूटरचित दस्तावेज बनाता था। दस्तावेज मुहैया कराने के एवज में दीपक को अच्छी खासी रकम भी मिलती थी।