-तेज धूप के साथ भीषण गर्मी की तपिश से लोग परेशान
-अभी दो दिन राहत के नहीं दिख रहे आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तेज धूप के साथ भीषण गर्मी की तपिश से लोग परेशान हैं। आसमान से बरस रही आग से बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बृहस्पतिवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। दिन में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य से करीब साढ़े छह डिग्री सेल्सियस अधिक है।
जून में दिनों दिन तापमान का पारा चढ़ता चला जा रहा है। इसे देख लगता है कि वह अपने पिछले चार साल पुराने रिकार्ड को तोड़ने को बेताब है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही सूरज ने अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिए। दिन चढ़ने के साथ सूरज की तपिश और बढ़ती गई। आसमान से बरस रही आग से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे। जो मजबूरी में निकले वह भी धूप से बचने के लिए तरह-तरह के जतन करते दिखे। दोपहर में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जो कि सामान्य तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस से 6.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। पिछले 48 घंटे में तापमान करीब ढाई डिग्री सेल्सियस की उछाल हुई है। हालांकि रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट हुई है।
दो दिन राहत मिलने के आसार
मौसम विशेषज्ञ केसी पांडेय ने बताया कि तपिश भरी गर्मी से 10 जून से राहत मिलने के आसार हैं। आठ जून को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। 10 जून से 12 जून तक पूर्वी यूपी में उसका असर देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्के बादल छाने से लोगाें को गर्मी से राहत मिलेगी। कहीं-कहीं बूंदा-बांदी भी हो सकती है।
पिछले दिनों ऐसे बढ़ा पारा
तारीख.......अधिकतम....... न्यूनतम
2 जून.............. 38.8............28.1
3 जून...............39...............27
4 जून...............39.8............27.1
5 जून...............39...............25
6 जून...............40................26
7 जून...............42................27
8 जून................42.5............28.7
धूप और उमस भरी गर्मी कर रही बीमार
गोरखपुर। बढ़ते तापमान के बीच चिलचिलाती धूप लोगों को बीमार कर रही है। जिला अस्पताल से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ओपीडी लगातार बढ़ रही है। हीट स्ट्रोक से लेकर चर्म रोग और डायरिया के मरीजों की ज्यादा है, जिसकी वजह से इन विभागों की ओपीडी में भीड़ देखी जा रही है। जिला अस्पताल के 28 नंबर कमरे में मेडिसिन की ओपीडी चलती है। 1:15 बजे मरीज ठसा-ठस भरे थे। इन सबके बीच अलीनगर की सुनीता पेट दर्द से कराह रही थी। जल्दी दिखाने के चक्कर में उसका एक दो मरीजों से बहस भी हो गई। पसीने से तर-बतर होने के कारण उसे डॉ राजेश कुमार ने तत्काल देखने के लिए बुला लिया। सुनीता से डॉक्टर ने समस्या पूछी तो बताया कि उल्टी, दस्त के साथ पेट में दर्द ज्यादा है। इस पर उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती करने की सलाह दी। क्योंकि, शरीर में पानी की कमी के कारण उसे डायरिया हो गया था। इसी तरह की समस्या लेकर नौसढ़ के आनंद कुमार पहुंचे थे। डॉ. राजेश ने बताया कि एक सप्ताह से इसी तरह ओपीडी में आने वाले हर 10 में दो से तीन मरीजों को डायरिया की शिकायत है। इसके अलावा हर 10 में तीन से चार मरीजों को हीट स्ट्रोक की दिक्कते हैं। स्थिति ऐसी है कि ओपीडी में आने वाले 20 से 25 फीसदी मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। ब्यूरो
धूप से जल जा रही त्वचा
चर्म रोग विभाग की ओपीडी में एक सप्ताह पहले 120 के आसपास मरीज आते थे, जो अब बढ़कर 180 हो गए हैं। इनमें सबसे अधिक धूप से एलर्जी वाले हैं। इन्हें खुजली, दाद, शरीर पर लाल दाने होने की शिकायत है। धूप का असर इतना ज्यादा है कि लोगों की त्वचा तक जल जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जय कुमार ने बताया कि बच्चों में भी उल्टी, दस्त और डायरिया के मामले तेजी से बढ़े हैं।
बढ़ती गर्मी में हांफने लगे बिजली मीटर
ढाई महीने में 70 से अधिक हो चुके खराब, उपभोक्ता परेशान
बाईपास कर बिजली का इस्तेमाल करने की सलाह दे रहे लाइनमैन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। अत्यधिक गर्मी के कारण बिजली के मीटर भी हांफने लगे हैं। ढ़ाई महीने में 70 से अधिक मीटर खराब हो चुके हैं। अभियंताओं ने बताया कि मीटर इलेक्ट्राॅनिक चिप से संचालित होते हैं। इनमें भी माइक्रो सर्किट हैं। घरों की दीवारों पर लगे मीटर जब कई घंटे 37 से 42 डिग्री की गर्मी में चलते हैं, तो इनमें खराबी की शिकायत आने लगती है। लोड घटने और बढ़ने में भी माइक्रो सर्किट खराब हो जाता।
दरअसल, इन दिनों मीटर की समस्या से उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं। पादरी बाजार के भोला ने बताया कि उनके नए घर में लगा मीटर खराब हो गया था। कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार मीटर नहीं होने से इंतजार करने को कहा गया। लाइनमैन ने पिछले दिनों बाईपास कर बिजली जलाने को कहा। लेकिन, घरवालों ने मना कर दिया।
ऐसे ही, बक्शीपुर के संतोष ने बताया कि उनके परिसर पर मीटर जल गया है। इसकी जानकारी मीटर खंड दे दी गई है। अभी मीटर नहीं होने पर वैसे ही बिजली जला रहे हैं। खंड के जिम्मेदारों ने बताया कि मीटर सही लगने पर औसत बिल के हिसाब से इस महीने का भी बिजली बिल बन जाएगा।
ऐसे ही कई आवेदन मीटर परीक्षण खंड में लंबित हैं। उम्मीद जताई जा रही कि आने वाले सप्ताह में मीटर के संकट से छुटकारा मिल जाए। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि मीटर आए थे, लेकिन लंबे समय से इंतजार करने वाले उपभोक्ताओं को जारी किया गया। खराब होने की शिकायत मिली है। जल्दी ही बदलवा दिए जाएंगे।