फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: भाजपा समर्थकों ने सपा प्रत्याशियों को कलेक्ट्रेट मेन गेट पर रोका, सपा के पूर्व सदस्य की जमकर पिटाई

Sat, 26 Jun 2021 02:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

डर के मारे सपा प्रत्याशी और अन्य बाहर गेट पर खड़े हैं।
विज्ञापन
नामांकन के दौरान भाजपा व सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा व सपा कार्यकर्ताओं के बीच बवाल हो गया। इस दौरान भाजपा समर्थकों ने सपा प्रत्याशियों को कलेक्ट्रेट मेन गेट पर रोक लिया। इतना ही नहीं बल्कि सपा के पूर्व सदस्य की जमकर पिटाई कर दी।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, पहले सपाई शास्त्री चौक पर एकत्रित हुए। यहां पुलिसकर्मियों की रोक टोक के बाद 1.30 बजे एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव सपा प्रत्याशी समेत चार लोगों को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित नामांकन कक्ष की तरफ बढ़े कि मुख्य गेट पर भाजपा समर्थकों ने रोक लिया। 

साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य पारस यादव की जमकर पिटाई कर दी। डर के मारे सपा प्रत्याशी और अन्य बाहर गेट पर खड़े रहे। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव भाजपा समर्थकों को गेट के पास से हटने के लिए समझाने में जुटे रहे। आखिर में सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी अपने प्रत्याशी के साथ लौट गए। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी साधना सिंह ने शनिवार को 12:30 बजे नामांकन दाखिल किया। वहीं नाटकीय तरीके से समाजवादी पार्टी ने अंतिम समय में अपना प्रत्याशी बदल दिया। आलोक गुप्ता की जगह बड़हलगंज वार्ड नंबर 47 से जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र यादव को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया।

जितेंद्र यादव शुक्रवार की शाम तक पर्चा न मिलने का आरोप लगा रहे थे। वहीं कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश न मिलने के कारण जितेंद्र यादव पर्चा दाखिल नहीं कर सके। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी साधना सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बन सकती हैं।

सपा के घोषित प्रत्याशी सपा ने वार्ड नंबर 46 के जिला पंचायत सदस्य आलोक कुमार गुप्ता को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनके विकल्प के तौर पर अपने समर्थित दूसरे सदस्यों से भी पर्चा खरीदने की कोशिश की जा रही थी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें