आधारहीन व भ्रामक आरोप लगाए
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय के हवाले से संपर्क अधिकारी डॉ दयाशंकर सिंह ने विवि का पक्षा रखा है। इसमें कहा गया है कि एबीवीपी की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया जाना था, लेकिन कोई भी औपचारिक सूचना नहीं दी गई थी। एबीपीपी का आरोप है कि 14 मई 2022 को विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पॉर्न स्टार को बुलाकर अश्लीलता फैलाई गई, जो आधारहीन व भ्रामक है। पूरे कार्यक्रम की विडियो रिकॉर्डिंग भी विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध है, जिससे इस तथ्य की पुष्टि की जा सकती है कि कार्यक्रम के दौरान कोई अश्लीलता या अभद्रता नहीं हुई थी।
कुलपति व शिक्षक से की अभद्रता
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है। समिति को यह आदेश दिए गए थे कि समुचित जांच के उपरांत यह स्पष्ट करें कि उक्त कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अभद्रता हुई थी या नहीं। ऐसे में किसी तरह के प्रदर्शन का औचित्य नहीं था। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शिक्षक व कुलपति से अभद्रता की। छात्रों और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक व हाथापाई हुई। सुरक्षा कर्मियों एवं शिक्षकों की मदद से छात्रों को समझा बुझाकर शांत कराया गया।