गोरखपुर जिले की सभी धात्री माताएं दूध पिलाने का सही मुद्रा जान लें तो दूध न आने की 80 प्रतिशत शिकायत बंद हो जाएंगी। पहले बच्चे में सभी मां को यह शिकायत रहती हैं कि उन्हें दूध नहीं हो रहा है। जबकि यह पूरी तरह से गलत है। हर मां को उसके बच्चे के लिए पर्याप्त दूध होता है। लेकिन नई मां सही तरीके से बच्चों को दूध नहीं पिला पाती है। इसकी वजह से यह समस्या देखने को मिल रही है।
यह बातें, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्य ने बताई। उनका कहना है कि रविवार को ‘विश्व स्तन पान दिवस’ मनाया जाएगा। हर 10 में आठ माताओं की यह शिकायत है कि उन्हें दूध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बच्चा भूखा रह जा रहा है। जबकि ऐसा नहीं है। अगर सही पोजिशन पर मां बच्चे को दूध पिलाती है तो नवजात का पेट भर जाएगा और दूध भी आ जाएगा। बताया कि लोगों की सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिखाएंगी स्तनपान के तरीके
जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भ्रमण कर स्तनपान का महत्व और तरीका सिखाएंगी। उन्हें बताया जाएगा कि मां नवजात को दूध किस तरह से पिलाएं। उन्हें यह बताया जाएगा कि छह माह तक तो हर हाल में मां दूध पिलाती रहे।
बताया कि जिले में एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत यह गतिविधियां होंगी। इस साल विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम है स्तनपान सुरक्षा की जिम्मेदारी, साझा जिम्मेदारी। बताया तीन श्रेणियों में बांट कर जागरूकता का कार्यक्रम चलाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लाभार्थियों के घर जाएंगी और उन्हें जागरूक करेंगी।