लवकुश को आग की लपटों में घिरा देख आसपास मौजूद लोग उसे बचाने दौड़ पड़े। किसी तरह आग पर काबू पाया और आनन फानन उसे स्वास्थ्य केंद्र बांसी पहुंचाया। उसे जिला अस्पताल और वहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी सांसें थम गईं।
परिजन रात को ही शव को घर ले आए। मंगलवार सुबह पुलिस ने पंचनामा करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पथरा थानाध्यक्ष महेंद्र चौहान ने बताया कि पत्नी मीरा ने बताया कि बेटे की तबीयत खराब रहने से काफी दिनों से परेशान थे। इसलिए आत्मघाती कदम उठा लिया।