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किसान बिना सत्यापन सौ क्विंटल तक बेच सकेंगे धान

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किसान बिना सत्यापन सौ क्विंटल तक बेच सकेंगे धान
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गोरखपुर। शासन ने बिना सत्यापन किसान की उपज नहीं खरीदे जाने के सख्त नियम में ढील दी है। अब किसान क्रय केंद्र पर बिना सत्यापन के सौ क्विंटल तक धान बेच सकेंगे। नियम में ढील होने से अब सौ क्विंटल तक धान पैदा करने वाले किसानों को रकबे के सत्यापन के लिए एसडीएम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उपज खरीद में बिचौलियों और फर्जी किसानों को रोकने के लिए शासन खाद्य एवं रसद विभाग ने इस बार से उपज के साथ ही खेत के रकबे का सत्यापन कराए जाने का निर्णय लिया था। इस नई व्यवस्था में रकबा और खेत की उपज के सत्यापन के आवेदन एसडीएम कार्यालय में लंबित होने लगे थे। एक नवंबर से गोरखपुर-बस्ती मंडल के जनपदों में धान खरीद प्रक्रिया शुरू होनी है। प्रदेश के पश्चिमी जिलों में एक अक्तूबर से ही धान खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन जिलों में रकबा और उपज के सत्यापन में आ रही शिकायतों और दिक्कतों के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस व्यवस्था में ढील देने का निर्णय लिया है। अब सौ क्विंटल तक धान की उपज करने वाले किसानों के रकबे का सत्यापन नहीं किया जाएगा। हालांकि, चकबंदी के तहत आने वाले गांवों के किसान अपना धान तब ही बेच पाएंगे, जब उनके चकबंदी संबंधी प्रमाणपत्र का ऑनलाइन सत्यापन हो जाएगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय के मुताबिक इस बार सामान्य श्रेणी धान की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड के धान का मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
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नॉमिनी की अनिवार्यता हुई समाप्त
सरकार ने किसानों के लिए नॉमिनी की घोषणा करने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी है। यह व्यवस्था खरीफ खरीद 2021-22 के लिए लागू की गई है। अब किसान अपनी जगह किसी को भी नॉमिनी बनाने को मजबूर नहीं होगा। हालांकि, किसान फर्जी अकाउंट के नंबर और केवल आधार कार्ड के सहारे धान नहीं बेच सकेंगे। किसानों को इस बार अपना पंजीकरण उसी नंबर से कराना होगा, जिससे उनका आधार कार्ड व बैंक एकाउंट लिंक हो। पंजीकरण कराते समय कोई दूसरा फोन नंबर देने पर निरस्त हो जाएगा। अब वही नंबर इस्तेमाल किया जा सकेगा जो आधार और बैंक अकाउंट दोनों जगह पंजीकृत हो। किसान आधार से लिंक अपने नंबर को विभाग की वेबसाइट पर जांच सकते हैं। विभाग की वेबसाइट पर आधार नंबर डालते ही बैंक अकाउंट और लिंक फोन नंबर दिख जाएगा। अपना फोन नंबर अपडेट कराने के लिए आधार केंद्र और बैंक में जाना होगा।
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सरकार ने किसानों की सुविधा के मद्देनजर सौ क्विंटल तक बिना सत्यापन के उपज बेचने की व्यवस्था की है। पंजीकरण में नॉमिनी का नाम देने की भी अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। - राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी गोरखपुर
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